न्याय पंचायत स्तर पर परिषदीय बच्चों के आधार कार्ड बनाने की तैयारी, नहीं देना होगा कोई शुल्क
बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र और छात्राओं का आधार कार्ड बनाने की पहल की है। प्रदेश की 8249 न्याय पंचायतों पर आधार बनवाने और उसे अपडेट कराने के लिए शिविर लगाए जाएंगे। बच्चों को इस कार्य के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।

- विद्यार्थियों के आधार कार्ड न बनने से अभिभावक परेशान, जिम्मेदार मौन
कानपुर देहात,अमन यात्रा : बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र और छात्राओं का आधार कार्ड बनाने की पहल की है। प्रदेश की 8249 न्याय पंचायतों पर आधार बनवाने और उसे अपडेट कराने के लिए शिविर लगाए जाएंगे। बच्चों को इस कार्य के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। प्रदेश के भर के परिषदीय स्कूलों के 1.90 करोड़ बच्चों में 1.25 करोड़ के ही आधार कार्ड बने हैं जिनमें कई के आधार कार्ड में विसंगतियां मिली हैं।महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने सभी जनपदों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है जिसमें लिखा है कि ब्लाक संसाधन केंद्र को दो-दो आधार नामांकन किट उपलब्ध कराई गई हैं लेकिन बच्चों की संख्या को देखते हुए हर क्लस्टर पर आधार नामांकन कराने का निर्णय लिया है। सभी केंद्रों पर श्रीट्रान इंडिया लिमिटेड कम्पनी शिविर लगाएगा। शिविरों में बच्चों को आधार बनवाने व उसे अपडेट कराने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। शिविर में मशीनें, आपरेटर, इंटरनेट व अन्य हार्डवेयर व साफ्टवेयर सामग्री श्रीट्रान इंडिया की ओर से व परिसर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। ये शिविर अस्थायी होंगे। इसके साथ ही 2019 में बीआरसी स्तर पर उपलब्ध कराई गई सभी आधार किटें पूर्व की तरह विद्यार्थियों के आधार कार्ड बनाने का कार्य करती रहेंगी।
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बताते चलें बच्चों के प्रवेश के समय सुविधा और परेशानी से बचाने के लिए 4 साल पहले बीआरसी कार्यालयों में आईं आधार कार्ड बनाने वाली 20 किटें धूल फांक रही हैं। प्रत्येक बीआरसी कार्यालय को दो-दो किटें उपलब्ध कराई गई थीं। ब्लॉक कार्यालय में रखी आधार किटें कहीं खराब हैं तो कहीं इनएक्टिव हैं। स्कूलों में जो बच्चे पढ़ रहे हैं उनमें भी कई के नाम एवं जन्मतिथि में गलतियां हैं जिनको भी अभिभावक सही नहीं करवा पा रहे हैं। विभाग में डीबीटी का कार्य चल रहा है जिस में आधार का होना अनिवार्य है ऐसी स्थिति में अभिभावक खासे परेशान हैं। बच्चों के लिए अभिभावकों को डाकघर व बैंक शाखाओं की लंबी कतार में लगना पड़ रहा है लेकिन लाखों रुपये की लागत वालीं किटों का बच्चों व उनके अभिभावकों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। जनपद में करीब 1926 प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय व कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें करीब 1 लाख 60 हजार छात्र पंजीकृत हैं। स्कूल में प्रवेश के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किए जाने पर वर्ष 2019 में शासन स्तर से बीआरसी कार्यालयों पर आधार बनाने वाली 2 किटें उपलब्ध कराईं गईं थीं लेकिन वर्ष 2019 में आईं किटें बीआरसी कार्यालयों में रखी शोभा बढ़ा रही हैं। बीएसए रिद्धी पाण्डेय का कहना है कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक ली थी और न्यायपंचायत स्तर पर दोबारा से आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए थे। जल्द ही बच्चों के आधार कार्ड बनाए जाएंगे। जो आधार किटें खबरा हैं उन्हें सही कराया जा रहा है।
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