शिक्षण संस्थानों के बाहर नहीं बेच सकेंगे पान मसाला

- शिक्षण संस्थानों के आसपास से हटेंगी पान मसाले की दुकानें
- बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धी पाण्डेय का कहना है कि शिक्षण संस्थानों के आसपास सौ गज की दूरी पर तंबाकू उत्पाद बेचने वाली पान की दुकानें किसी भी कीमत पर न हों।
कानपुर देहात, अमन यात्रा ! शिक्षण संस्थानों के आसपास पान-मसाला बेचना प्रतिबंधित है। ऐसा करने वाले के खिलाफ शासन ने कार्यवाही के आदेश भी पूर्व में दिए थे। इसके बाद भी इस आदेश का पालन नहीं हो रहा था। स्कूल कॉलेजों के सामने जगह-जगह पान मसाला की दुकानें सजी हुई हैं और धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। इसे देखते हुए
गुरुवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ लिली सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य स्तरीय वर्किंग ग्रुप कमेटी की बैठक हुई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि शिक्षण संस्थानों के आसपास सौ गज की दूरी पर तंबाकू उत्पाद बेचने वाली पान मसाले की दुकानें किसी भी कीमत पर न हों इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग की स्पेशल टास्क फोर्स को भी इस कार्य में लगाया गया है। जिलाधिकारियों को अपने अधीनस्थों को शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों के आसपास पान मसाला की दुकानों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धी पाण्डेय का कहना है कि शिक्षण संस्थानों के आसपास सौ गज की दूरी पर तंबाकू उत्पाद बेचने वाली पान की दुकानें किसी भी कीमत पर न हों। वहीं विद्यार्थियों को तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में बताया जाए और तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान घोषित करने पर जोर दिया जाए। सभी खंड शिक्षा अधिकारी परिषदीय स्कूलों के सामने या सौ गज की दूरी के अंदर खुली पान मसाले की दुकानों को हटवाएं यदि कोई नहीं हटा रहा है तो पुलिस की मदद लेकर उन दुकानों को वहां से हटवाएं।
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