अमृत महोत्सव : त्याग और बलिदान की शौर्यगाथा गीतों के रूप में लोककंठों में अमर हो गई
भारतवर्ष आज़ादी का अमृत महोत्सव धूमधाम से मना रहा है। यह आज़ादी हमें लम्बे संघर्ष के बाद प्राप्त हुई है। हमें स्वतंत्रता दिलवाने में भारत के अशेष वीर सपूतों का स्तुत्य योगदान रहा है.

लखनऊ,अमन यात्रा : भारतवर्ष आज़ादी का अमृत महोत्सव धूमधाम से मना रहा है। यह आज़ादी हमें लम्बे संघर्ष के बाद प्राप्त हुई है। हमें स्वतंत्रता दिलवाने में भारत के अशेष वीर सपूतों का स्तुत्य योगदान रहा है जिनके त्याग और बलिदान की शौर्यगाथा गीतों के रूप में लोककंठों में अमर हो गई। इन गीतों की लोकप्रियता से भयभीत हो कर ब्रिटिश सरकार ने इन गानों को प्रतिबंधित कर दिया था। ऐसे गीतों एवं लोकगीतों से बुनी हुई भारत की मुक्तिगाथा का प्रस्तुतीकरण तैयार किया गया है। जिसमें ठुमरी, कजरी, चैती, पूर्वी, फाग, बिरहा, आल्हा, ग़ज़ल एवं बंदिशों के माध्यम से वाचन करते हुए, आज़ादी की पूरी कहानी कही गई है। आइए, देखें वीरों की गाथा, सुने उनके शौर्य की कथा, प्रस्तुत की मुक्तिगाथा मुख्य आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दत्तात्रेय होसबाले और जयवीर सिंह पर्यटन और संस्कृति मंत्री कार्यक्रम की शुरुआत में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित करके की उसके बाद मालिनी अवस्थी ने कार्यक्रम में कैसे फाग मचोरी जोरा जोरी से शुरुआत करी पंडित अर्जुन मिश्रा डांस एक्डमी के कुछ छात्रों ने भाग लिया अनुभव श्रीवास्तव, मानसी मिश्रा, पीयूष पांडे, आरती बघेल, अनामिका आदि।
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