अटेवा ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए शुरू की रथयात्रा
अकबरपुर स्थित अटेवा जिला कार्यालय में आहूत की गई बैठक में आगामी 1 जून से चंपारण बिहार से राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बंधु के नेतृत्व में शुरू होने वाली एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो रथयात्रा को कैसे सफल बनाया जाए पर विचार विमर्श हुआ एवं रथयात्रा में शामिल होने जा रहे शिक्षकों को रवाना किया गया

- अटेवा की पुरानी पेंशन बहाली रथयात्रा की तैयारी जोरों पर
- बिहार के चम्पारण से 1 जून से प्रारम्भ होगी रथयात्रा
अमन यात्रा ,कानपुर देहात। आज अटेवा पेंशन बचाओ मंच कानपुर देहात की जिला कार्यकारिणी एवं ब्लॉकों के संयोजको के साथ एक संयुक्त बैठक अकबरपुर स्थित अटेवा जिला कार्यालय में आहूत की गई बैठक में आगामी 1 जून से चंपारण बिहार से राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बंधु के नेतृत्व में शुरू होने वाली एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो रथयात्रा को कैसे सफल बनाया जाए पर विचार विमर्श हुआ एवं रथयात्रा में शामिल होने जा रहे शिक्षकों को रवाना किया गया.
जिसमें अटेवा पेंशन बचाओ मंच के प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी कुलदीप सैनी की भी रवानगी हुई। आयोजित कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि एक जून से प्रारंभ होने वाली पेंशन रथयात्रा में शामिल होने के लिए जनपद से अटेवा पेंशन बचाओ मंच के प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी कुलदीप सैनी जिला कार्यालय अकबरपुर से विदा हुए हैं। आयोजित कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि एक जून से ऐतिहासिक चंपारण से एनएमओपीएस के संयोजक विजय बंधु के नेतृत्व में न्यू पेंशन स्कीम एवं निजीकरण भारत छोड़ो यात्रा का आगाज होने जा रहा है शिक्षक कर्मचारियों के संगठनों के इतिहास में यह पहली बार होगा जब कोई नेता उनके हितों के लिए मुखर होकर इतने बड़े स्तर पर महान यात्रा के लिए निकला हो।
रवाना होते हुए प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी कुलदीप सैनी ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक कार्य होने जा रहा है इसलिए सभी से आग्रह है कि इस महान आंदोलन की परिणति में अपना आर्थिक नैतिक भौतिक समर्थन प्राप्त कर जहां से यह यात्रा गुजरे उसमें सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त करें। इस दौरान प्रदेश सह संयोजिका ज्योति शिखा मिश्रा प्रताप भानु सिंह गौर अखिलेश पाल राजेश श्रीवास्तव अनन्त त्रिवेदी गौरव मिश्रा शोएब मंसूरी, महेन्द्र यादव रामेंद्र सिंह सालिकराम आदि पदाधिकारियों ने पूरे उत्साह के साथ उनको विदा किया।
चम्पारण से क्यों शुरू हो रही है यह रथयात्रा-
जिस तरह से 1917 में अंग्रेजो की अनैतिक कृषि कानून से बापू ने चम्पारण में सत्याग्रह करके नील की खेती करने वाले किसानों के पक्ष में काले कानून को वापस कराया था उसी तरह अब केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारियों की पुरानी पेंशन को बंद करने के निर्णय को बदलवाने के लिये अटेवा के शीर्ष नेता विजय कुमार बंधु ने रथयात्रा निकालने का निर्णय किया है। बंधु को विश्वास है कि जिस तरह से बापू ने दुनिया के सबसे बड़े ताकतवर शासक अंग्रेजों को झुकाकर नील की खेती करने वाले किसानों को काले कानून को हटवाकर राहत दिलायी थी उसी तरह केंद्र सरकार को अपने आंदोलन से झुकाकर पुरानी पेंशन को बहाल करने के लिये मजबूर करेंगे।
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