प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित कार्यशाला में पांच रेंजों के वन क्षेत्राधिकारी, कर्मचारी, किसान और निजी संस्थाओं के सदस्यों ने भाग लिया। दूसरे सत्र में ‘मानव वन्यजीव संघर्ष के दौरान होने वाली आपदा स्थिति का निवारण की पूर्व तैयारी’ विषय की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि किसी भी वन्यजीव का खतरा होते ही लोग वन विभाग को सूचित करते हैं। इसलिए वन कर्मियों को तत्काल मानव और वन्यजीव के संघर्ष की स्थिति से निपटने के लिए सक्रिय हो जाना चाहिए और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए काम शुरू कर देना चाहिए। इस दौरान प्रशिक्षण केंद्र प्रभारी अशोक कुमार निमेष, क्षेत्रीय वनाधिकारी डीके पांडे ने प्रशिक्षण दिया।
कार्याशाला में शहर रेंज, बाह, जैतपुर, पिनाहट, फतेहाबाद, खेरागढ़, किरावली, बाईंपुर, एत्मादपुर रेंज के 40 वनाधिकारी व कर्मचारी कार्यशाला में शामिल हुए।