एक्शन में कानपुर देहात पुलिस: सड़क सुरक्षा पर बड़ी गोष्ठी और कड़े निर्देश
डायल 112 और सीसी टीम मिलकर संभालेंगी सुरक्षा का मोर्चा

कानपुर देहात जिले को सड़क दुर्घटनाओं से मुक्त करने और ‘शून्य दुर्घटना जिला’ (Zero Fatality District – ZFD) के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में आज पुलिस लाइन सभागार कक्ष में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक में सड़क सुरक्षा की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए ब्लूप्रिंट तैयार किया गया।
अधिकारियों ने साझा किए सुरक्षा मंत्र गोष्ठी में क्षेत्राधिकारी यातायात राजीव सिरोही, क्षेत्राधिकारी भोगनीपुर संजय वर्मा और क्षेत्राधिकारी रसूलाबाद आलोक कुमार की उपस्थिति में जिले के डायल 112 प्रभारी व सभी थानों की ‘क्रिटिकल कॉरिडोर टीम’ (सीसी टीम) के सदस्यों ने मंथन किया। क्षेत्राधिकारी यातायात ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि एक सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता है।
क्रिटिकल कॉरिडोर्स की होगी कड़ी निगरानी बैठक के दौरान जिले के विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। पुलिस ने उन खास समय और स्थानों (टेम्पोरल डिस्ट्रीब्यूशन) की पहचान की है जहां हादसे सबसे अधिक होते हैं। सीसी टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों के दुर्घटना-प्रवण स्थलों (Black Spots) की नियमित निगरानी करें। साथ ही, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कड़ी कार्यवाही की जाए।
तकनीक और इंजीनियरिंग से थमेंगे हादसे ‘शून्य दुर्घटना जिला’ पहल के तहत केवल चालान ही नहीं, बल्कि सड़क की बनावट में सुधार पर भी जोर दिया गया है। ब्लैक स्पॉट्स का निराकरण, बेहतर लाइटिंग, साइन बोर्ड और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया गया। उन्नत प्रौद्योगिकी के उपयोग से हादसों को न्यूनतम स्तर पर लाने का लक्ष्य रखा गया है।
यूपी 112 का संदेश: कोहरे में बरतें सावधानी वर्तमान में पड़ रहे घने कोहरे को देखते हुए यूपी 112 और कानपुर देहात पुलिस ने विशेष सुरक्षा संदेश जारी किया है— “धीमी रफ्तार, सुरक्षित परिवार।” पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कम दृश्यता के दौरान वाहनों की हेडलाइट और फॉग लाइट का उपयोग करें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और ओवरटेकिंग से बचें। पुलिस का कहना है कि “जल्दी पहुंचने से बेहतर है सुरक्षित पहुंचना।”



