बजरंग रामलीला में विभीषण शरणागत,सेतुबंध रामेश्वरम स्थापना,अंगद रावण संवाद लीला देख दर्शक हुए भावविभोर
कस्बे में चल रही बजरंग रामलीला में बुधवार को कलाकारों द्वारा नौवें दिन विभीषण शरणागत,सेतुबंध रामेश्वरम की स्थापना व रावण अंगद संवाद लीला का सुंदर मंचन किया गया।

ब्रजेंद्र तिवारी, पुखरायां। कस्बे में चल रही बजरंग रामलीला में बुधवार को कलाकारों द्वारा नौवें दिन विभीषण शरणागत,सेतुबंध रामेश्वरम की स्थापना व रावण अंगद संवाद लीला का सुंदर मंचन किया गया।लीला देख दर्शक भावविभोर हो गए।माता सीता की खोज करने गए पवन पुत्र हनुमान अपनी तलाश पूरी कर वापस लौटते हैं।वापस आने की सूचना वानर राज सुग्रीव को देने के बाद वानर सेना के साथ प्रभु श्रीराम के पास पहुंचते हैं और विस्तार से माता सीता की ओर से कहे गए कथन तथा पूरे प्रसंग का वर्णन करते हैं।दरबार में रावण का भाई विभीषण भी मौजूद है।विभीषण के राम भक्ति से नाराज रावण उनको देश निकाला का फरमान सुनाता है।विभीषण राम दरबार में पहुंचता है तथा अपनी पूरी बात मर्यादा पुरुषोत्तम राम के समक्ष रखकर दास बनाने की अनुहार करता है।मर्यादा के प्रतीक राम उसको गले लगा लेते हैं और अपनी शरण में ले लेते हैं।
माता सीता के रावण की नगरी लंका में होने की जानकारी के बाद वानर सेना के साथ राम लंका के लिए रवाना होते हैं।वानर सेना के साथ राम लक्ष्मण समुद्र से पार जाने की प्रार्थना करते हैं।इसके बाद क्रोधित होकर राम अपने धनुष पर बाण चढ़ाते हैं।डरा हुआ समुद्र राम के सामने प्रगट होता है और क्षमा प्रार्थना करता है।साथ ही समुद्र पार करने की जुगत भी बताता है।इसके बाद राम समुद्र तट पर ही देवाधिदेव भगवान शंकर का पूजन कर रामेश्वर की स्थापना करते हैं और अंगद को दूत बनाकर लंका भेजते हैं।इधर वानर सेना ओर अन्य मिलकर समुद्र पर पत्थर का पुल बनाते हैं और सभी लंका पहुंच जाते हैं।राम के दूत अंगद रावण के दरबार में पहुंचते हैं और रावण से संवाद करते हैं।कहते हैं कि माता सीता को वापस कर दो।राम सबका कल्याण करते हैं तुम्हारा भी कर देंगे।
आक्रोशित रावण राम के दूत को दंड का फरमान सुनाता है लेकिन अंगद शर्त रख देते हैं।कहते हैं कि कोई मेरा पैर टस से मस कर दे तो मैं मान जाऊंगा कि आप राम को पराजित कर सकते हैं।तमाम वीर कोशिश करते हैं लेकिन कोई भी इस शर्त को पूरा नहीं कर पाता है।रावण पांव डिगाने के लिए उठता है तो अंगद कहते हैं कि अगर आप राम का पैर पकड़ते तो आपका कल्याण हो जाता।लीला को देख दर्शक भावविभोर हो जाते हैं।इस मौके पर व्यास कैलाश मस्ताना,पवन मस्ताना,राहुल, कमेटी अध्यक्ष विमल सचान लालू, प्रबंधक गोपाल अग्निहोत्री, उपाध्यक्ष हर्ष गुप्ता, महामंत्री संजय सचान, सुनील सचान, सुशील सचान, रामकिशोर गुप्ता, मनोज शुक्ला, नरेश सचान, सुमित कुमार समेत बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
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