कानपुर देहात : साइबर सुरक्षा और एआई जागरूकता को लेकर अकबरपुर महाविद्यालय में कार्यशाला आयोजित
छत्रपति शाहूजी महाराज इनोवेशन फाउंडेशन के निर्देश पर कार्यक्रम हुआ संपन्न
सुशील त्रिवेदी,कानपुर देहात। छत्रपति शाहू जी महाराज इनोवेशन फाउंडेशन, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर व कलाम एस.पी.एस. रिसर्च सेन्टर द्वारा साइबर सुरक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जागरूकता कार्यशाला का आयोजन अकबरपुर महाविद्यालय कानपुर देहात में किया गया, कार्यक्रम के दौरान कानपुर देहात जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों के कोर्स कोआर्डिनेटर एवं विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के सीडीसी निदेशक प्रोफेसर आर0के0 द्विवेदी की गरिमामई उपस्थिति रही। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा संचालित रोजगारपरक पाठ्यक्रम के अंतर्गत साइबर सुरक्षा तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की महत्ता एवं प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारे विद्यार्थी न केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तकनीकी पक्ष को समझें बल्कि इसके सकारात्मक उपयोग, संभावनाएं और सीमाएं भी जानें। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमको सिखाता है कि डेटा से ज्ञान कैसे निकाला जाए, निर्णय कैसे लिए जाएं और भविष्य को किस तरह अधिक स्मार्ट और संवेदनशील बनाया जा सकता है।
उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपेक्षा करते हुए कहा कि वह इस कार्यशाला को केवल एक औपचारिकता न समझें बल्कि कार्यशाला में बताए गए ज्ञान व दिशा निर्देशों को समझते हुए कौशल व दक्षता संवर्धन करें। उन्होंने बताया कि आने वाला युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का युग है और इस पाठ्यक्रम को भविष्य निर्माण का एक अवसर मानें। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में कॅरियर के अनेकों रास्ते खुले हैं जिनमें से मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग साइबर सिक्योरिटी आदि शामिल हैं। वर्तमान ऑनलाइन युग में साइबर सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है। ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक है। साइबर सुरक्षा संबंधी रोजगारपरक पाठ्यक्रम द्वारा व्यक्ति स्वयं को ऑनलाइन धोखाधड़ी से तो बचाएगा ही, इसके साथ ही अनेकों रोजगार के अवसर भी उसके लिए सुलभ होंगे।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं छत्रपति शाहूजी महाराज इनोवेशन फाउंडेशन (सीएसजेएमआईएफ) के इनक्यूबेशन मैनेजर डॉ0 अनिल कुमार त्रिपाठी ने इनोवेशन फाउंडेशन से विद्यार्थियों को जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि इनोवेशन फाउंडेशन विद्यार्थियों में कौशल विकास द्वारा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का कार्य करती है तथा विभिन्न संस्थाओं द्वारा उनको वित्तीय अनुदान दिलाकर अपने स्टार्टअप खड़े करने में भी मदद करेगी। इनोवेशन फाउंडेशन विद्यार्थियों को स्वरोजगार हेतु मार्गदर्शन के साथ ही पेटेंट फिलिंग जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं को प्रदान करता है।
कलाम फाउंडेशन नई दिल्ली की निदेशक गुंजा कपूर ने एआई पाठ्यक्रम के विषय में गहन जानकारी दी और पाठ्यक्रम लोगिन में आ रही समस्याओं का समाधान बताया। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से एआई की विषयवस्तु को सरल, सहज व रोचक ढंग से प्रस्तुत किया।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के अमन राज तथा आदित्य सिंह गौर ने साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला तथा विश्वविद्यालय के एआई पाठ्यक्रम के संबंध में कानपुर देहात जिले के विभिन्न महाविद्यालय से आए पाठ्यक्रम समन्वयक एवं विद्यार्थियों को विभिन्न तथ्यों से अवगत कराया एवं प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। छत्रपति शाहूजी महाराज इनोवेशन फाउंडेशन के इनोवेशन ऑफिसर शैलेंद्र यादव ने रोजगारपरक पाठ्यक्रम में लोगिन संबंधी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया।
कार्यशाला संयोजक एवं कानपुर देहात जनपद के एआई कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर रामकृष्ण चतुर्वेदी ने बताया कि कार्यशाला एक महत्वपूर्ण विषय पर हो रही है। साइबर सुरक्षा तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले युग की दिशा तय करने वाले हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे जीवन के हर क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। स्वास्थ्य सेवाओं में रोगों की पहचान करने से लेकर शिक्षा में व्यक्तिगत सीखने तक, कृषि में फसल की निगरानी से लेकर न्याय व्यवस्था में डेटा विश्लेषण तक एआई हर जगह एक सहायक मस्तिष्क की तरह कार्य कर रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उद्देश्य मनुष्य को प्रतिस्थापित करना नहीं बल्कि उसकी क्षमता को बढ़ाना है। अतः इसके उपयोग के समय नैतिकता और मानवता का ध्यान रखना भी आवश्यक है।
कार्यशाला के दौरान कानपुर देहात जनपद के विभिन्न महाविद्यालय के प्राचार्य प्रतिनिधि, कोर्स कोआर्डिनेटर एवं विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया तथा पाठ्यक्रम के संबंध में विषय विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
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