कौशांबी के जिलाधिकारी बने ‘देवदूत’, पीड़ित बच्चे को दिलाई रोशनी
जनपद के जिलाधिकारी ने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिससे जनपद में वह अपनी पहचान के मोहताज नहीं रहे। उन्होंने एक ऐसी अनोखी पहल की है, जिसकी वजह से उनकी पहचान देश और प्रदेश में भी होगी।

- शिक्षक की पिटाई से दृष्टिहीन हुए बच्चे का एम्स में कराया इलाज, पहली पोस्टिंग में जीता सबका दिल
विवेक सिंह,कौशांबी : जनपद के जिलाधिकारी ने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिससे जनपद में वह अपनी पहचान के मोहताज नहीं रहे। उन्होंने एक ऐसी अनोखी पहल की है, जिसकी वजह से उनकी पहचान देश और प्रदेश में भी होगी। पीड़ित परिवार के सभी लोग उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे, ऐसे जिलाधिकारी ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसे आदित्य का परिवार शायद ही कभी भूल पाए।
पीड़ित के माता-पिता अपने बच्चे के साथ हुए अत्याचार के बारे में जब जिलाधिकारी से मिले थे, तो उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा दिया था। तब जाकर बच्चे को नया जीवन मिल पाया। जनपद में प्राथमिक इलाज के बाद चेन्नई और एम्स में इलाज करवाने के बाद अब रूटीन चेकअप होता रहेगा। बच्चा अब आसानी से देख और पढ़ ले रहा है, और धूल आदि से बचाव के लिए चश्मा भी लगाए हुए है।
जिलाधिकारी श्री हुगली ने बताया कि प्रदेश में दो-तीन नेत्रालय ऐसे हैं, जिनको हम देश में लिंकअप करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि इस तरह के लोगों को दिखाने के लिए इंतजार न करना पड़े। हमारी ओर से अनुरोध पत्र चला जाएगा तो डॉक्टरों से संपर्क करके तुरंत इलाज मिल सकता है।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह उनके सर्विस काल का पहला मामला है, जहां स्कूल में अध्यापक की पिटाई से बच्चे की आंख की रोशनी चली गई थी। संबंधित अध्यापक के खिलाफ कार्रवाई भी हुई है। बच्चे के पढ़ाई के भविष्य को देखते हुए जिलाधिकारी ने इलाज कराने के लिए अपने वरिष्ठ लोगों और डॉक्टरों से संपर्क कर सहायता की। बीते कल जिलाधिकारी को देखकर बच्चा भावुक हो गया और जिलाधिकारी भी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनकी यह सोच है कि बच्चा आगे बढ़कर समाज के लिए अच्छा काम करे, ताकि समाज उन्हें भी याद रखे।
मूलतः कर्नाटक राज्य के जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश के कौशांबी जनपद में पहली पोस्टिंग पर ही लोगों में अपनी अमिट छाप छोड़ दी है। कौशांबी जनपद में चोट से दृष्टिहीन हुए 10 वर्षीय आदित्य की हालत देख जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र एम्स नई दिल्ली में सफल इलाज कराया, जो एक गरीब के पहुंच से बहुत दूर था। मासूम की आंखों की रोशनी लौटने पर परिजनों ने जिलाधिकारी कौशांबी का आभार जताया।



