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छुट्टी के बाद भी स्कूल में रुकेंगे मास्टर साहब, 15 मिनट लेट होने पर कट जाएगा पूरे दिन का वेतन

निपुण लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए परिषदीय विद्यालयों के गुरुजी को टाइम एंड मोशन स्टडी के नियम में बांधा गया है। कक्षा-कक्ष में शिक्षण कार्यों और बच्चों के साथ सीखने-सिखाने के लिए टाइम एंड मोशन स्टडी का पालन करना होगा।

Story Highlights
  • एक बार फिर टाइम एंड मोशन स्टडी आदेश का निकला जिन्न

राजेश कटियार, कानपुर देहात। निपुण लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए परिषदीय विद्यालयों के गुरुजी को टाइम एंड मोशन स्टडी के नियम में बांधा गया है। कक्षा-कक्ष में शिक्षण कार्यों और बच्चों के साथ सीखने-सिखाने के लिए टाइम एंड मोशन स्टडी का पालन करना होगा। शैक्षिक समय में स्कूल छोड़ा तो कार्यवाही की तलवार कभी भी गिर सकती है। टाइम एंड मोशन स्टडी में प्राप्त विश्लेषण के आधार पर बेहतर शैक्षिक वातावरण बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई के लिए निर्धारित अवधि में कोई शिक्षक स्कूल से बाहर नहीं रहेगा। शिक्षक, स्कूल शुरु होने से 15 मिनट पहले विद्यालय पहुंचेंगे और छुट्टी होने के बाद 30 मिनट तक स्कूल में उपस्थित रहकर पंजिका तथा अन्य अभिलेख अपडेट करेंगे और अगले दिन की पढ़ाई की रूपरेखा तैयार करके जाएंगे। स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को ये निर्देश जारी किये हैं। महानिदेशक की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में साप्ताहिक कैलेंडर का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनश्चिति करने को कहा गया है। यदि शैक्षिक कैलेंडर में निर्धारित समय सारिणी का अनुपालन सुनश्चिति नहीं किया जा सका है तो इसकी प्रतिपूर्ति के लिए अतिरक्ति क्लास की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा स्कूल में पढ़ाई की अवधि में रैली, प्रभात फेरी, मानव श्रृंखला और गोष्ठी का आयोजन नहीं होगा। महानिदेशक के दिशा-निर्देशों के मुताबिक ‘टाइम एंड मोशन स्टडी’ के आधार पर विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों के लिए समय अवधि एवं कार्य निर्धारण को लेकर की जा रही कार्यवाही संतोषजनक नहीं है। ऐसे में सभी बेसिक शिक्षा अधिकारी अपने जनपद में इनका अनुपालन सुनश्चिति कराएं। उन्होंने प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों से स्कूलों में पढ़ाई के घंटे समेत सभी शैक्षणिक कार्यों के लिए निर्धारित समय-सारिणी के पालन के संबंध में रिपोर्ट भी मांगी है। शासनादेश में प्रत्येक शैक्षिक सत्र में 240 शिक्षण दिवस का संचालन किया जाना अनिवार्य घोषित किया गया है। इसी तरह नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण, डीबीटी एवं अन्य किसी भी सामग्री के वितरण का कार्य विद्यालय अवधि के बाद ही किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। दिशा-निर्देश के मुताबिक विद्यालय में शैक्षणिक कार्य की अवधि में रैली, प्रभात फेरी, मानव श्रृंखला और नवाचार गोष्ठी का आयोजन भी नहीं हो सकेगा। इस दौरान शिक्षकों से किसी भी विभाग का हाउस होल्ड सर्वे भी नहीं कराया जाएगा। विद्यालय में शिक्षकों के गैरहाजिर मिलने पर उनके खिलाफ

कार्यवाही की जाएगी और वेतन भी कटेगा। शिक्षकों को राज्य परियोजना कार्यालय और एससीईआरटी के प्रशिक्षणों में शामिल होना होगा। जिला या विकासखंड स्तर पर बीएसए या खंड शिक्षा अधिकारी किसी भी प्रकार का प्रशिक्षण आयोजित नहीं करेंगे। अनाधिकृत प्रशिक्षण आयोजित करने पर उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक सहित अन्य सामग्री का वितरण शिक्षण अवधि के बाद ही किया जाएगा। परिषदीय शिक्षकों को जिला प्रशासन, बीएसए दफ्तर और खंड शिक्षा अधिकारी दफ्तर में संबद्ध नहीं किया जाएगा। दिशा-निर्देश में कहा गया है कि वद्यिालय से संबंधित बैंकिंग कार्यों हेतु ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है। अतः बैंकिंग एवं अन्य कार्यों हेतु शिक्षण अवधि में शिक्षक वद्यिालय परिसर से बाहर नहीं जाएंगे। शिक्षकों के वेतन, अवकाश, मेडिकल आदि से संबंधित समस्त कार्यों के ऑनलाइन निष्पादन हेतु मानव संपदा पोर्टल की व्यवस्था सुनश्चिति की गई है।

अतः अधिष्ठान संबंधी किसी कार्य के लिए शिक्षकों द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी अथवा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से संपर्क नहीं किया जाएगा। सप्ताह में कम से कम एक बार प्रधानाध्यापक की अध्यक्षता में विद्यालय के सभी शिक्षकों की बैठक आहूत की जाएगी। इस बैठक में अगले सप्ताह की कार्ययोजना एवं विकासखंड स्तर पर आयोजित मासिक समीक्षा बैठकों के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की जाएगी। इसमें कहा गया है कि ‘टाइम एंड मोशन स्टडी’ के आधार पर विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों के लिए समय अवधि एवं कार्य निर्धारण के संबंध में 14 अगस्त 2020 को शासनादेश जारी किया गया था। इसमें कहा गया था कि शैक्षणिक समय के अंतर्गत उल्लिखित समयानुसार प्रार्थना सभा या योगाभ्यास अवश्य कराया जाए।

जिला प्रशासन, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने स्तर से किसी तरह की परीक्षा आदि का आयोजन नहीं किया जाएगा। विद्यालय में शैक्षणिक वातावरण को बनाने के लिए अभिनव प्रयास किए जाएं। साथ ही यह भी अवश्य सुनश्चिति किया जाए कि कोई भी ऐसी गतिविधि या क्रियाकलाप का आयोजन न किया जाए जिससे कि पठन-पाठन प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो।

विभागीय सूचनाएं प्राप्त किए जाने हेतु शिक्षण संकुल के माध्यम से दूरभाष से अथवा ऑनलाइन सूचनाओं प्राप्त की जायें। साथ ही यह भी अवश्य सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी ऐसी गतिविधि या क्रियाकलाप का आयोजन न किया जाए जिससे कि पठन-पाठन प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो।

AMAN YATRA
Author: AMAN YATRA

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