निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना का लाभ श्रमिकों को
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जानकारी दी कि सरकार द्वारा निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों के लिए "निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना" चलाई जा रही है, जिसके तहत श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

जालौन: जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जानकारी दी कि सरकार द्वारा निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों के लिए “निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना” चलाई जा रही है, जिसके तहत श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को सुरक्षा और आर्थिक सहयोग देना है।
जिलाधिकारी ने बताया कि योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को दुर्घटना, मृत्यु या अपंगता की स्थिति में निम्नलिखित सहायता राशि दी जाती है:
- दुर्घटना के कारण मृत्यु: यदि किसी पंजीकृत निर्माण श्रमिक की दुर्घटना के कारण मृत्यु होती है, तो उसके परिवार को ₹5,00,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- सामान्य मृत्यु: सामान्य परिस्थितियों में मृत्यु होने पर श्रमिक के परिवार को ₹2,00,000 की सहायता राशि दी जाएगी।
- स्थायी अपंगता: यदि श्रमिक स्थायी रूप से अपंग हो जाता है, तो उसे ₹4,00,000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
- अंत्येष्टि सहायता: मृत्यु के बाद अंत्येष्टि के लिए ₹25,000 की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी।
इसके अलावा, यदि निर्माण श्रमिक पंजीकृत नहीं है और कार्यस्थल पर उसकी मृत्यु हो जाती है, तो भी उसके परिवार को ₹1,00,000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
जिलाधिकारी ने श्रमिकों से अपील की कि वे इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें। पंजीकरण के लिए श्रमिक श्रम कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की यह पहल श्रमिकों के जीवन को सुरक्षित और आर्थिक रूप से स्थिर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और यह उनके परिवारों को मुश्किल समय में सहारा प्रदान करती है।
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