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आराम फरमाना शिक्षकों को पड़ेगा महंगा, बच्चों की शैक्षिक उपलब्धि में नहीं मिला सुधार तो होगी कार्यवाही
यह खबर उन बेसिक शिक्षकों के लिए बुरी है जो अभी तक न तो स्कूल समय से पहुंचते हैं और यदि पहुंचे भी तो छुट्टी होने से पहले ही घर के लिए रुखसत हो जाते हैं। शासन ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि शासनादेश को अमल में लाया जाएगा।

- सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए जारी हुए आवश्यक दिशा निर्देश
- परिषदीय प्राथमिक उच्च प्राथमिक विद्यालयों एवं कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालयों में शैक्षिक उपलब्धि में सुधार हेतु दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश
अमन यात्रा , कानपुर देहात। यह खबर उन बेसिक शिक्षकों के लिए बुरी है जो अभी तक न तो स्कूल समय से पहुंचते हैं और यदि पहुंचे भी तो छुट्टी होने से पहले ही घर के लिए रुखसत हो जाते हैं। शासन ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि शासनादेश को अमल में लाया जाएगा। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में शासन बेसिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाना चाहता है। इसके लिए नित नये-नये प्रयोग हो रहे हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों के लिए कई सुविधाएं भी दी जा रहीं हैं। बावजूद इसके लाइन से उतरी चल रही बेसिक शिक्षा पटरी पर नहीं आ पा रही है। शासन ने उसे लाइन पर लाने के लिए फिर एक नया आदेश जारी किया है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने प्रदेश के सभी डाइट प्राचार्य और बेसिक शिक्षाधिकारियों को यह आदेश भेज दिया है। इस आदेश के तहत अब प्रत्येक शिक्षक को विद्यालय में नयी व्यवस्था के तहत शिक्षकों को और क्या-क्या करना होगा यह भी तय कर दिया गया है।
प्रधानाध्यापकों को अभिभावकों के साथ प्रभावी संवाद एवं बच्चों की नियमित तथा शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी। प्राथमिकता के आधार पर टूल किट का प्रयोग करना होगा।संदर्शिका एवं निर्देशिका के माध्यम से दैनिक एवं सप्ताहिक शिक्षण योजना पर आधारित शिक्षण कार्य करना होगा। विद्यालयों का सतत अनुश्रवण एवं सपोर्टिव सुपरविजन करना होगा।विद्यालयों में पुस्तकालय का सुदृढ़ीकरण एवं नियमित संचालन होना चाहिए। विभिन्न शैक्षणिक सामग्री यथा-प्रिंटरिच मैटेरियल, बिग बुक, वार्तालाप चार्ट, टीएलएम का प्रभावी एवं रोचक ढंग से प्रयोग सुनिश्चित करना होगा। कक्षा 6-8 के लिए रिमिडियल टीचिंग पर आधारित हिंदी और गणित का शिक्षण कार्य अनिवार्य रुप में करना होगा। शिक्षक संकुल की मासिक बैठक निर्धारित एजेंडा के अनुसार ही करनी होगी।
इस आदेश के पीछे शासन का मानना है कि इससे काफी हद तक स्कूलों में शैक्षिक माहौल बन सकेगा एवं प्राइमरी और उच्च प्राइमरी एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता उन्नयन में सुधार होगा। बच्चों के शैक्षिक उपलब्धि में सुधार हेतु विशेष प्रयास किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी निर्देश हैं कि सभी खंड शिक्षाधिकारी इस आदेश का पालन हो रहा है अथवा नहीं इसके लिए वह स्कूलों को चेक करके उसकी रिपोर्ट आला अफसरों को देंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धी पाण्डेय का कहना है कि निदेशालय से ऐसा आदेश आया है। इस आदेश का कड़ाई के साथ पालन होगा। इस बारे में सभी खंड शिक्षाधिकारियों को भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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