नन्दबाबा दुग्ध मिशन व मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना का पशुपालक उठाएं लाभ: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी आलोक सिंह की अध्यक्षता में ‘नन्दबाबा दुग्ध मिशन‘ के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु गठित डिस्ट्रिक्ट एक्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक जिलाधिकारी कक्ष में सम्पन्न हुई।

- जिलाधिकारी ने की ‘नन्दबाबा दुग्ध मिशन‘ के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु गठित जिला स्तरीय कमेटी की बैठक, दिए निर्देश
कानपुर देहात। जिलाधिकारी आलोक सिंह की अध्यक्षता में ‘नन्दबाबा दुग्ध मिशन‘ के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु गठित डिस्ट्रिक्ट एक्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक जिलाधिकारी कक्ष में सम्पन्न हुई।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि, मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना, नन्दबाबा दुग्ध मिशन के अन्तर्गत स्वदेशी गायों में नश्ल सुधार एवं दुग्ध उत्पादकता में वृद्धि हेतु सरकार द्वारा चलायी जा रही। मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना’ के क्रियान्वयन एवं प्रचार-प्रसार के संदर्भ में आवश्यक दिशा निर्देश देते हुये कहा कि विभागीय अधिकारीगण एवं कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के सम्बन्ध में पशुपालकों को विस्तार से जानकारी देते हुये उन्हें योजना का लाभ लेने हेतु प्रेरित करें। जिलाधिकारी द्वारा जनपद में कार्य कर रहे हैं विभिन्न दूध उत्पादक संगठन के बारे में भी जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि बलिनी दुग्ध प्रोड्यूसर कंपनी को भी जनपद में प्लांट लगाने हेतु प्रोत्साहन दिया जाए, जिससे दुग्ध उत्पादकों को अपने दुग्ध को बेचने के लिए अधिक विकल्प प्राप्त हो सके और उन्हें अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके।
बैठक में उप दुग्धशाला विकास अधिकारी संतोष कुमार दिवाकर ने बताया कि योजना का उद्देश्य जनपद में उच्च गुणवत्ता एवं उत्पादकता वाली स्वदेशी नस्ल की गायों को पालने की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ पशुपालकों को गायों की नस्ल सुधार, उनकी बेहतर देखभाल, गुणवत्तायुक्त पोषण एवं स्वास्थ्य प्रतिरक्षा के लिये प्रेरित करना एवं जनपद में दुग्ध उत्पादकता में वृद्धि करके पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है।
उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना’ के अन्तर्गत चयनोपरान्त प्रगतिशील पशुपालक जिन्होंने देशी नस्ल की साहीवाल, गिर, थारपारकर, हरियाणा, गंगातीरी गायों का पालन किया है तथा प्रतिदिन 8 से 12 किग्रा तक दूध दे रही हैं, ऐसे पशुपालकों को प्रोत्साहन स्वरूप 10000 रुपए एवं 12 किग्रा से अधिक दूध देने वाली उक्त नस्लों के गायों के पशुपालकों को 15000 रुपए प्रोत्साहन धनराशि दिया जायेगा।
इसी प्रकार प्रगतिशील पशुपालक जिन्होंने हरियाणा एवं गंगातीरी नश्लों की गायों का पालन किया है तथा प्रतिदिन 7 से 10 किग्रा, दुग्ध उत्पादन देने वाली ऐसे पशुपालकों को 10000 रुपए एवं 10 किग्रा से अधिक दूध देने वाली गायों के पशुपालकों को 15000 रुपए प्रोत्साहन स्वरुप दिया जायेगा। बैठक में प्रभारी पशु चिकित्सा अधिकारी, अर्थ एवं संख्या अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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