कानपुर देहातउत्तरप्रदेशफ्रेश न्यूज

15 विद्यालयों में 40 पौधे लगाकर मनाया 40वां जन्मदिन, ट्री बैंक भी किया शुरू

यूं तो भारतीय संस्कृति में जन्मदिन मनाने की अलग अलग परम्पराए स्थापित हैं लेकिन इन सभी रीति रिवाजों व परम्पराओं से अलग हटकर अपने जन्मदिन के अवसर पर सरवनखेड़ा विकासखंड के शिक्षक अभिषेक द्विवेदी ने अपने 40वें जन्मदिवस पर विभिन्न विकासखंडों में 40 पौधे रोपित किए।

Story Highlights
  • 40 पौधे लगाकर मनाया 40वां जन्मदिन, सेलेब्रेशन का अनूठा अंदाज आमजन के लिए बना प्रेरणा
राजेश कटियार , कानपुर देहात। यूं तो भारतीय संस्कृति में जन्मदिन मनाने की अलग अलग परम्पराए स्थापित हैं लेकिन इन सभी रीति रिवाजों व परम्पराओं से अलग हटकर अपने जन्मदिन के अवसर पर सरवनखेड़ा विकासखंड के शिक्षक अभिषेक द्विवेदी ने अपने 40वें जन्मदिवस पर विभिन्न विकासखंडों में 40 पौधे रोपित किए। इसके अलावा बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धी पाण्डेय के मार्गदर्शन में ट्री बैंक का भी शुभारंभ किया। इस बैंक में पौधा लगाने वाले इच्छुक व्यक्तियों को नि:शुल्क पौधें दिए जाते हैं। साथ ही अगर कोई भी व्यक्ति अपने नाम का पौधा डोनेट करना चाहता है तो वह ट्री बैंक में अपने नाम का पौधा डोनेट कर सकता है।
पुरानी कहावत है कि गुरु गुरु होता है उसे अपने ज्ञान का गुरुर नहीं होता वह नित नए-नए आयामों से आम जनमानस को कुछ नया ज्ञान देता रहता है। अभिषेक द्विवेदी ने अपना 40वां जन्मदिन 40 पेड़-पौधे लगाकर मनाया। उनके इस अंदाज की हर कोई सराहना कर रहा है। उनका कहना है कि जन्मदिन को हममें से ज्यादा लोग या तो होटल-रेस्टोरेंट में पार्टी करके सेलेब्रेट करते हैं या घर पर फैमिली गेट-टुगेदर करके इसे मनाते हैं लेकिन क्या कभी आपने अपने जीवन के इस खास दिन को ऐसे अंदाज से मनाने की सोची है जो इस प्रकृति के लिए किसी रिटर्न गिफ्ट की तरह हो।
R2
दरअसल कुछ इसी तरह की सोच के साथ अपने 40वें जन्मदिन को अनूठे अंदाज में मनाया। उनके इस अंदाज की हर कोई सराहना कर रहा है। अभिषेक बताते हैं कि इस प्रकृति ने हमें इतना कुछ दिया है जिसे जितना लौटाओ उतना कम है। वो कहते हैं कि बढ़ते शहरीकरण के चलते हमारी पृथ्वी पर पर्यावरण असंतुलन का खतरा लगातार बना हुआ है। ऐसे में इस संतुलन को बनाये रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधे लगाया जाना जरूरी हो गया है। इसी मंशा के साथ हर जन्मदिन में मैं पौधरोपण जरूर करता हूँ। इस बार उम्र के बराबर पौधे लगाने की मन में आई जिसे पूरा किया।
पौधरोपण कर देखभाल का लिया संकल्प-
निर्धारित कार्यक्रम के अंतर्गत 40वें जन्मदिन के अवसर पर अभिषेक द्विवेदी एवं उनकी धर्मपत्नी शिखा द्विवेदी ने जनपद के विभिन्न विकासखंडों के परिषदीय विद्यालयों में 40 पौधे रोपित किए साथ ही इनकी जीवनभर देखभाल का प्रण भी लिया।
औरों के लिए प्रेरणा-
शिक्षक अभिषेक द्विवेदी की इस अनूठी पहल अब औरों के लिए प्रेरणा बन गई है। जन्मदिन पर पौधरोपण करने के अंदाज को देखते हुए जनपद के अन्य शिक्षकों एवं नागरिकों ने भी अपने जन्मदिन पर पौधरोपण करने का मन बना लिया है। उन्होंने सभी से ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधे लगाकर पर्यावरण संतुलन बनाये रखने में योगदान देने की अपील भी की है।
R3
ट्री बैंक का किया शुभारंभ-
बैंक का नाम सुनते ही आपके जहन में सबसे पहले क्या आता है पैसा.. लोन.. आपकी ईएमआई.. वगैरह वगैरह लेकिन आज हम आपको एक ऐसे बैंक के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें आपको मुफ्त में पौधे मिलेंगे जिन्हें आप अपनी सुविधा के अनुसार अपने घर में या अपने पार्क में रोपित कर सकते हैं। इस ट्री बैंक की सबसे खास बात ये है कि आपको यहां एक रुपए भी खर्च नहीं करना होगा बल्कि यहां से फ्री में ढेर सारे पेड़-पौधे ले सकते हैं। इस बैंक की शुरुआत शिक्षक अभिषेक द्विवेदी ने अपने 40वें जन्म दिवस पर की है।
जीपीएस लोकेशन से करते हैं ट्रेस-
अभिषेक द्विवेदी जानते थे कि फ्री के नाम पर लोग शौक-शौक में पेड़ ले तो जाएंगे लेकिन उसकी देखरेख नहीं करेंगे इसलिए इन्होंने एक शर्त रखी है कि जो भी फ्री ट्री ले जाएगा वो उसे लगाकर उसकी फोटो और लोकेशन इन्हें भेजेगा। इससे उन्हें जब भी मौका मिलेगा उन लोकेशन पर जाकर या ऑनलाइन माध्यम से पेड़ ठीक हालत में है या नहीं को देख सकेंगे।
उनकी इस मुहिम में खण्ड शिक्षा अधिकारी मनोज पटेल, एआरपी नवजोत यादव, शिक्षक संघ अध्यक्ष हिमांशु त्रिपाठी, शिक्षक ललित त्रिवेदी, देवेंद्र सिंह, नवनीत कुमार, स्वाति, अनुरीता रावत, छाया, मनोरंजन, निरुपम कुमार तिवारी, धर्मेंद्र कुमार, लोकेंद्र सचान सहित अनेकों शिक्षकों ने सहयोग किया।
AMAN YATRA
Author: AMAN YATRA

SABSE PAHLE


Discover more from अमन यात्रा

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Related Articles

AD
Back to top button

Discover more from अमन यात्रा

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading