कानपुर देहात

परौंख गांव में राष्ट्रपति ने अपनों पर लुटाया प्यार, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया स्वागत 

चार साल के लंबे इंतजार के बाद रविवार की सुबह राष्ट्रपति पैतृक गांव परौंख पहुंच तो ग्रामीणों की खुशी दोगुनी हो गई। पथरी देवी मंदिर में करीब एक घंटे का पूजन करने के बाद अब राष्ट्रपति गांव के मैदान में बने पंडाल में मंच पर पहुंच गए हैं, उनके साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी है।

कानपुर, अमन यात्रा । चार साल के लंबे इंतजार के बाद रविवार की सुबह राष्ट्रपति पैतृक गांव परौंख पहुंच तो ग्रामीणों की खुशी दोगुनी हो गई। पथरी देवी मंदिर में करीब एक घंटे का पूजन करने के बाद अब राष्ट्रपति गांव के मैदान में बने पंडाल में मंच पर पहुंच गए हैं, उनके साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी है। मुख्यमंत्री और राज्यपाल की मौजूदगी में अफसरों ने भी राष्ट्रपति का स्वागत किया है। वहीं राष्ट्रपति ने गांव में अपनों से मिलकर प्यार लुटाया। उनके साथ पत्नी सविता कोविन्द भी मौजूद हैं।

कानपुर के सर्किट हाउस से सुबह करीब साढ़े आठ बजे राष्ट्रपति का काफिला हेलीपैड पर पहुंचा, इसके बाद राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द व उनकी पत्नी सविता कोविन्द हेलीकॉप्टर से परौंख के लिए रवाना हुए। करीब 9:05 बजे परौंख गांव में हेलीकॉप्टर उतरा और यहां से राष्ट्रपति सीधे पथरी देवी मंदिर गए, जहां पर पूजन अर्चन किया। उनके साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। पूजन पूरा करने के बाद राष्ट्रपति गांव के मैदान में बने पंडाल में मंच पर पहुंच गए। यहां पहले से मौजूद ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया तो राष्ट्रपति ने भी अपनों पर प्यार लुटाया।

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राष्ट्रपति के आगमन को लेकर वृद्ध ही नहीं युवा और महिलाएं भी स्वागत के लिए पंडाल में सुबह से पहुंच गए थे। पीएसी जवानों के राष्ट्रगान के बाद बालिकाओं ने स्वागत गान किया गया। अफसर भी गांव का भ्रमण करके सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।

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कानपुर देहात के झींझक के गांव परौंख की मिट्टी ने अपने राम नाथ कोविन्द के गली मोहल्लों में खेलने से लेकर छात्र जीवन, राज्यपाल व अब देश के शीर्ष पद पर पहुंचने का सफर देखा है। इस सफर के दौरान वह हमेशा यहां से जुड़े रहे, लेकिन चार वर्ष का लंबा इंतजार कभी परौंख को करना नहीं पड़ा था। अब जब राष्ट्रपति यहां आ रहे हैं, चार वर्ष बाद यह सपना पूरा होने जा रहा है। इसे लेकर गांव के लोग बेहद उत्साहित हैं, राष्ट्रपति यहां 9:05 बजे हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे, उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी रहेंगी।

ज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी रहेंगी।

 

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गांव में झलकारी बाई इंटर कालेज में पंडाल बनाया गया है, जहां कार्यक्रम में राष्ट्रपति संबोधित करेंगे और अपनों से मुलाकात भी करेंगे। इसके साथ ही वह गांव का भ्रमण भी करेंगे। वह 12:20 बजे गांव स्थित हेलीपैड पर पहुंचे और एक बजे हेलीकॉप्टर से पुखरायां पहुंचेंगे। यहां पर अपने पुराने मित्रों से मिलने के साथ कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति 4:40 बजे कानपुर के लिए रवाना हो जाएंगे।

 

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पुलिस अफसरों ने किया गांव दौरान

रविवार सुबह से ही एडीजी भानु भास्कर, कमिश्नर डॉ राजशेखर सहित सभी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंच चुके हैं। अफसरों सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंधों का जायजा लिया और गांव का भ्रमण किया। कार्यक्रम स्थल के पास बीएसएफ की टुकड़ी तैनात की गई है। अधिकारियों का काफिला गांव में घूम घूमकर व्यवस्था देखता रहा।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द और परौंख गांव

परौंख की धरती पर एक अक्टूबर 1945 को जन्मे राम नाथ कोविन्द को संघर्ष व संस्कार की शिक्षा पिता मैकूलाल ने दी। उनके पिता पथरी देवी मंदिर की देखरेख भी करते थे इसके चलते ही राष्ट्रपति का यहां से बेहद जुड़ाव है। यहां प्राइमरी की शिक्षा लेने के बाद कानपुर के रास्ते दिल्ली में वकालत करने के बाद राज्यसभा सदस्य फिर बिहार के राज्यपाल व 25 जुलाई 2017 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। शपथ लेने के बाद से ही शीर्ष पद की मर्यादा व व्यस्त कार्यक्रम के चलते वह अपनी मातृभूमि परौंख न आ सके। इस गांव ने भी अपने राम नाथ कोविन्द का चार वर्ष तक इंतजार किया।

 

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Author: pranjal sachan

कानपुर ब्यूरो चीफ अमन यात्रा


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