बेहतर को ही बेहतर करेंगे, खराब को बेहतर नहीं कर सकेंगे के सिद्धांत पर सरकारी स्कूलों में चल रही हैं योजनाएं
यूपी के 750 परिषदीय स्कूलों को बेसिक शिक्षा विभाग मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करेगा। इसके लिए हर जिले से बेहतरीन 10 स्कूलों का चयन किया जायेगा। इन स्कूलों में सभी सुविधाओं के साथ शिक्षकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। इस संबंध में महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने ऐसे स्कूलों को चिह्नित करते हुए कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया है।

- हर जिले के 10 स्कूल जल्द बनेंगे मॉडल स्कूल, स्कूलों का चयन कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
- यूपी के 750 परिषदीय स्कूलों को बनाया जाएगा मॉडल स्कूल, हर जिले से 10 विद्यालयों का होगा चयन
कानपुर देहात,अमन यात्रा : यूपी के 750 परिषदीय स्कूलों को बेसिक शिक्षा विभाग मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करेगा। इसके लिए हर जिले से बेहतरीन 10 स्कूलों का चयन किया जायेगा। इन स्कूलों में सभी सुविधाओं के साथ शिक्षकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। इस संबंध में महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने ऐसे स्कूलों को चिह्नित करते हुए कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार ने पांच सालों में 5 हजार अभ्युदय कम्पोजिट स्कूलों को मॉडल स्कूलों की तरह विकसित करने का ऐलान किया है। हालांकि अभी तक इसकी विस्तृत गाइडलाइन जारी नहीं हो पाई है लेकिन इस बीच विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए हर जिले में 10-10 अच्छे स्कूलों का चयन कर एनालिसिस किया जा रहा है।
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मसलन जिन स्कूलों में शौचालय, टाइल्स, रंगाई पुताई, ब्लैकबोर्ड, चारदीवारी या अन्य चीजे पहले से हैं तो वहां कम्प्यूटर लैब, साइंस लैब, लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास स्थापित करके उसे अभ्युदय कम्पोजिट स्कूल बनाया जाएगा। यदि वहां सिविल वर्क की जरूरत है तो उसकी योजना भी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साइट प्लान बनाने के लिए प्रति स्कूल 1 हजार रुपये भी दिए जाएंगे। अब सवाल यह उठता है कि जो स्कूल पहले से ही बेहतर है उन्हें और बेहतर करने की पहल सरकार कर रही है जबकि जो स्कूल बेहतर नहीं है.
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उन्हें बेहतर करने का प्रयास किया जाना चाहिए था। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार इन स्कूलों के नाम पर भारी बजट पास करेगी और उसमें बंदरबांट किया जाएगा। अगर परिषदीय विद्यालयों की शैक्षणिक एवं भौगोलिक स्थिति को बेहतर करना है तो सरकार को चाहिए कि जनपद में ऐसे विद्यालयों का चयन किया जाए जहां पर मूलभूत सुविधाएं एवं संसाधन नहीं है।
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