भारत सरकार की यह प्राथमिकता है कि देश में कोई भी व्यक्ति भूख से ना मरे : गिरिराज सिंह
मंत्री ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज भारत सरकार गिरिराज सिंह ने शनिवार को जनपद भ्रमण के दौरान दिशा बैठक की तर्ज पर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ ग्रामीण, विकास, भूमि, संसाधन एवं पंचायती राज की योजनाओं तथा भारत सरकार की अन्य योजनाओं की विकास भवन के सभागार में समीक्षा की।मंत्री ने मनरेगा की समीक्षा करते हुए कहा कि भारत सरकार की यह प्राथमिकता है कि देश में कोई भी व्यक्ति भूख से ना मरे, श्रमिकों को अपने गांव में ही रोजगार मिल सके इस उद्देश्य के साथ यह योजना संचालित की जा रही है।

कानपुर,अमन यात्रा । मंत्री ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज भारत सरकार गिरिराज सिंह ने शनिवार को जनपद भ्रमण के दौरान दिशा बैठक की तर्ज पर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ ग्रामीण, विकास, भूमि, संसाधन एवं पंचायती राज की योजनाओं तथा भारत सरकार की अन्य योजनाओं की विकास भवन के सभागार में समीक्षा की।मंत्री ने मनरेगा की समीक्षा करते हुए कहा कि भारत सरकार की यह प्राथमिकता है कि देश में कोई भी व्यक्ति भूख से ना मरे, श्रमिकों को अपने गांव में ही रोजगार मिल सके इस उद्देश्य के साथ यह योजना संचालित की जा रही है। इसमे जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा यह समीक्षा की जाए कि इस योजना के अंतर्गत कितने व्यक्तियों को 100 दिन का रोजगार दिया गया, कितने व्यक्ति ऐसे हैं जिनको कम दिन का इसका लाभ मिला। मनरेगा के अंतर्गत जितने कार्य चल रहे हैं उनकी जनपद स्तर में प्रभावी समीक्षा होनी चाहिए इसके साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए जिसमें मा0 जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, पंचायत के सभी कार्मिक व ग्राम पंचायत के कुछ व्यक्ति सम्मिलित हो, इससे कार्य में पारदर्शिता आएगी।
राष्ट्रीय स्वयं सहायता समूह की समीक्षा में अवगत कराया गया कि जनपद में 5225 समूह है जिनमें 69530 महिलाएं समूह से जुड़ी हैं जिसके लिए निर्देशित किया गया कि एक हाउस होल्ड सर्वे कराया जाये कि कितने घर की महिलाओं को इससे जोड़ा गया है तथा कितनी महिलाएं शेष बची है। उन्होंने कहा कि कानपुर में 04 लाख घरों तक जाने का हमारा लक्ष्य है और प्रत्येक महिला की वार्षिक आय को एक लाख बनाना है। उन्होंने कहा कि मा0 प्रधानमंत्री जी का संकल्प है कि बहनों को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आय में बढ़ोतरी कराई जाए इसलिए समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों का अध्यन किया जाए कि उनकी आमदनी केसे बढायी जा सकती है।
स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करते हुए मंत्री जी ने कहा कि पंचायतों में कितने शौचालय बनवाए गए हैं, कितने क्रियाशील है, जो क्रियाशील नहीं है उनका कारण क्या है, इसका अध्ययन किया जाए तथा जो क्रियाशील नहीं है उनको क्रियाशील कराया जाए। पंचायती राज की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जनपद की 10 प्रतिशत पंचायतों को टारगेट करते हुए जो सक्षम पंचायतें हैं उनमें वाई-फाई की सुविधा के साथ एक लाइब्रेरी की स्थापना कराई जाए, जिसमें शिक्षणरत छात्रों के लिए, महिलाओं के लिए, किसानों के लिए अलग-अलग पुस्तकालय हो, जिससे ग्राम पंचायत के निवासी उसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि पंचायत भवनों के लिए जो उपकरण खरीदे गए हैं उनके मेंटीनेंस की भी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए, जिससे लंबे समय तक उनका उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि जनपद में पुराने तालाबों को चिन्हित कर उन को पुर्नजीवित करने की कार्यवाही अमल में लाई जाए, तालाबों के किनारे वृक्षारोपण कराया जाए।
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इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत सरोवर योजना, पेयजल योजना, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, गोवंश आश्रय स्थल सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की तथा निर्देशित किया कि प्रत्येक योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन हेतु प्रत्येक स्तर पर लक्ष्य का निर्धारण कर दिया जाए, जिससे कार्यों की प्रगति में तेजी आए और अधिक से अधिक लोगों को उसका लाभ मिल सके। इस अवसर पर सांसद सत्यदेव पचौरी, अशोक रावत, मा0 महापौर श्रीमती प्रमिला पांडे, मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती स्वपनिल वरुण, मा0 विधायक श्रीमती नीलिमा कटियार, श्रीमती सरोज कुरील, अभिजीत सिंह सांगा, सुरेंद्र मैथानी, राहुल सोनकर, विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक, अविनाश सिंह, सलिल विश्नोई, जिलाधिकारी विशाख, मुख्य विकास अधिकारी डॉ महेंद्र कुमार सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी गण उपस्थित रहे।
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