मिशन शक्ति के तहत परिषदीय बालिकाओं के सशक्तिकरण हेतु प्रशिक्षण आरंभ
विकास खंड मैथा में खंड शिक्षा अधिकारी सपना सिंह के निर्देशन में पॉवर एंजिल सुगमकर्ता प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला बालिकाओं के सशक्तिकरण और आत्मसम्मान कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित की गई।

- मीना मंच को और अधिक सक्रिय बनाने और सेल्फ एस्टीम कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर
- सभी जूनियर विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में कार्यक्रम का संचालन
- बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता और विचारशीलता विकसित करना
- शिक्षिकाओं को प्रशिक्षित कर बालिका शिक्षा एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देना
कानपुर देहात। विकास खंड मैथा में खंड शिक्षा अधिकारी सपना सिंह के निर्देशन में पॉवर एंजिल सुगमकर्ता प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला बालिकाओं के सशक्तिकरण और आत्मसम्मान कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित की गई।
मैथा ब्लॉक की मेंटर व डायट प्रवक्ता एवं संदर्भदाता प्राची शर्मा ने विद्यालयों में मीना मंच को अधिक क्रियाशील बनाने और सेल्फ एस्टीम कार्यक्रम को विभाजित सत्रों के माध्यम से प्रभावी रूप से लागू करने पर बल दिया।
बालिका शिक्षा के जिला समन्वयक अरुणेश सचान ने बताया कि जनपद के सभी विकास खंडों में कार्यशालाओं के आयोजन की तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। इसके तहत सभी जूनियर विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में सेल्फ एस्टीम कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसमें सुगमकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

जनपदीय संदर्भदाता कुलदीप सैनी ने कार्यशाला के उद्देश्य और मीना मंच के गठन प्रक्रिया के बारे में शिक्षकों को जानकारी दी। वहीं मिशन शक्ति की ब्लॉक नोडल अंजलि गौड़ ने शासन द्वारा संचालित मिशन शक्ति अभियान को मीना मंच से जोड़कर बालिकाओं में आत्मनिर्भरता, निडरता एवं विचारशीलता विकसित करने पर जोर दिया। इस प्रशिक्षण में जिले के सभी जूनियर विद्यालयों से श्वेता पाण्डेय, सुषमा, मृदुला, वर्षा देवी, मीतू सिंह सहित कई सुगमकर्ता शिक्षिकाएं सम्मिलित हुईं। कार्यशाला के माध्यम से शिक्षिकाओं को प्रशिक्षित कर बालिका शिक्षा एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।



