अंतर्जनपदीय स्थानांतरण- कहीं खुशी कहीं गम
- कुछ शिक्षकों की बल्ले-बल्ले तो कुछ में निराशा की शिकन
- पांच वर्ष नियमित सेवा वाले शिक्षक व दो वर्ष वाली शिक्षिकाओं को ही तबादले में मिलेगा मौका
लखनऊ/कानपुर देहात। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के किए जा रहे ऑनलाइन ट्रांसफर से कहीं खुशी तो कहीं गम का माहोल हो गया है। स्थानांतरण नीति में पांच वर्ष नियमित सेवा वाले शिक्षक व दो वर्ष वाली शिक्षिकाओं को ही तबादले में मौका मिलेगा ऐसे में इससे कम समय से नौकरी करने वाले शिक्षकों के तबादले की मुराद पूरी नहीं हो सकेगी। लंबे समय से शिक्षक अपने गृह जनपद जाने के लिए आस लगाए बैठे हुए थे लेकिन शासनादेश के प्रावधानों ने उनकी आस को ठेस पहुंचा दी है जिससे कई शिक्षक मायूस नजर आ रहे हैं तो कई खुशी का इजहार कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले अपने घर से दूर नौकरी कर रहे प्रदेश के लाखों शिक्षकों को बड़ा तोहफा दिया है। इसके तहत बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के दूसरे जिले में तबादले की कार्यवाही शुरू करने का फैसला किया है। आठ जून से अंतर्जनपदीय (एक से दूसरे जिले) तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। जिले में पांच वर्ष नियमित सेवा करने वाले शिक्षक व दो वर्ष नियमित सेवा करने वाली शिक्षिकाएं आवेदन की पात्र होंगी।
प्रदेश में करीब 1.37 लाख बेसिक शिक्षा के विद्यालय हैं। इनमें तैनात करीब पांच लाख शिक्षक-शिक्षिकाओं में बड़ी संख्या ऐसी है जो अपने गृह जनपद से दूर दूसरे जिलों में नौकरी कर रहे हैं। ये लंबे समय से अपने जिले में वापसी का इंतजार कर रहे हैं। तबादले की पात्रता के दायरे में करीब 4.50 लाख शिक्षक-शिक्षिकाओं के आने का अनुमान है। वहीं जिले में स्वीकृत पद के सापेक्ष 30 अप्रैल को कार्यरत शिक्षकों की संख्या के 10 फीसदी तक अधिकतम तबादले किए जाएंगे। अन्य जिलों से आने वाले शिक्षिक-शिक्षिकाओं की अधिकतम सीमा भी 10 फीसदी ही होगी। तबादले के लिए दिए जाने वाले भारांक से जुड़े सभी प्रमाण पत्र देने होंगे और इसकी व्यवस्था प्रक्रिया शुरू करने से पहले पूरा करना होगा। विभाग जल्द तबादले के लिए समय सारिणी जारी करेगा।
Discover more from अमन यात्रा
Subscribe to get the latest posts sent to your email.