कानपुर, अमन यात्रा । लॉकडाउन के समय सब लोग घरों में कैद थे तब नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के अफसर और सफाई कर्मचारी सुबह-सुबह शहर को साफ करने में जुट जाते थे। लॉकडाउन ने कूड़ाघरों तक की तस्वीर बदल दी थी। दोपहर तक गंदगी से पटे रहने वाले कूड़ाघरों में सुबह से ही गंदगी गायब हो जाती थी और रंगोली से सजाए जाते थे। शहर में ज्यादा से ज्यादा सफाई रहे इसलिए नगर निगम ने अपने कूड़ाघरों को साफ करने वाले प्रभारियों के बीच में सफाई की प्रतियोगिता कराई।

इस प्रतिस्पर्धा में कूड़ाघरों से गंदगी साफ करके रंगोली से सजाया गया। सबसे बेहतर सजे कूड़ाघर के प्रभारी को सम्मानित अफसर मौके पर ही करते थे। कोरोना के खौफ से हर कोई अपने घर से निकलने से कतराते थे। ऐसे में नगर निगम के सामने शहर को साफ करने और सैनिटाइज कराने की सबसे बड़ी चुनौती थी। कर्मचारियों ने पहले जाने से मान कर दिया। इसके बाद अफसरों ने उनको समझाया और मनोबल बढ़ाया। महापौर प्रमिला पांडेय, नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अजय संखवार, डॉ अमित सिंह व राबिश प्रभारी ए रहमान और छह जोनों के जोनल स्वास्थ्य अफसर खुद कर्मचारियों के साथ क्षेत्र में खड़े होकर सफाई कराई। साथ ही सैनिटाइज कराया गया। कोरोना से अफसर व कर्मचारी सुरक्षित रहें, इसके लिए पीपीई किट, मास्क और सैनिटाइडर दिया गया। नगर निगम के पास सबसे बड़ा कार्य शहर के मोहल्लों को सैनिटाइज करने का था, खासकर वहां जहां से कोरोना संक्रमित मिलते थे। लॉकडाउन के समय कहीं भी गंदगी नहीं रहती थी। रास्ते गंदगी मुक्त हो गए थे।