क्षेत्र के कहमारा गांव निवासी सर्वेश कुमार की पत्नी शारदा देवी को शादी के 13 साल बाद भी कोई संतान नहीं हुई थी। डाक्टरों को दिखाने के बजाय ससुराल वालों ने हरदोई निवासी एक तांत्रिक को बुलाना शुरू कर दिया। शनिवार को पूर्णिमा की रात उसने विशेष तंत्र विद्या करने की बात कही। रात को वह पहुंचा तो ससुराल वालों के दबाव पर शारदा देवी हवन करने के लिए बैठ गईं।
हालात खराब होता देख तांत्रिक यह कहकर खिसक गया कि कुछ देर बाद ठीक हो जाएगी। ससुराल वाले इसी इंतजार में रविवार सुबह 10 बजे तक शव कमरे में रखे रहे। इस बीच आसपास के लोगों को भनक लगी तो उन्होंने पीलीभीत के बिलसंडा के मार गांव में रहने वाले शारदा के भाई मुनीश कुमार को फोन किया। दोपहर को वह पहुंचे तो देखा कि शारदा के शरीर पर एक दर्जन से ज्यादा जगह जलाए जाने व चोट के निशान थे।
बगल में अधजले कपड़े पड़े थे। उनकी सूचना पर प्रभारी निरीक्षक कुंवर बहादुर सिंह पहुंचे और आरोपित पति सर्वेश, उसके भाई मुनीश, पिता वटेश्वर को गिरफ्तार कर लिया। सर्वेश का दूसरा भाई दुर्गेश व तांत्रिक फरार है। एसपी एस आनंद का कहना है कि तांत्रिक का नाम शारदा के मायके व ससुराल वालों को नहीं पता। उसकी पहचान की जा रही।