शिक्षकों को टैबलेट तो मिलने वाले हैं पर सिम और इंटरनेट डेटा को लेकर परेशान मास्टर साहब
बेसिक शिक्षा विभाग ने दो दिन पहले आए टैबलेट को डीजीएसई की गाइडलाइन के मुताबिक शिक्षकों को वितरित करना शुरू कर दिया है। टैबलेट मिलने के बाद शिक्षकों में इसके प्रयोग, प्रशिक्षण एवं अन्य बिन्दुओं को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं लेकिन इसका जवाब उन्हें फिलहाल नहीं मिल पा रहा है।

कानपुर देहात। बेसिक शिक्षा विभाग ने दो दिन पहले आए टैबलेट को डीजीएसई की गाइडलाइन के मुताबिक शिक्षकों को वितरित करना शुरू कर दिया है। टैबलेट मिलने के बाद शिक्षकों में इसके प्रयोग, प्रशिक्षण एवं अन्य बिन्दुओं को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं लेकिन इसका जवाब उन्हें फिलहाल नहीं मिल पा रहा है।
टैबलेट वितरण के दौरान कुछ जगह शिक्षकों के पहचान पत्र भी मांगे गए। पहचान पत्र की संख्या को वितरण रजिस्टर में दर्ज किया गया। टैबलेट को लेकर शिक्षकों के बीच काफी कौतुहल दिखा। विभाग ने पहले ही बता दिया है कि टैबलेट के बारे में आनलाइन एवं आफलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षकों ने पूछा कि टैबलेट में सिम व डाटा कहां से आएगा, इस प्रश्न का अब तक स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। सूत्र बताते हैं। कि इस बारे में बीईओ और बीएसए भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि कुछ दिनों में इस बारे में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। एक टैबलेट की एमआरपी 17 हजार से अधिक बताई जा रही है। टैबलेट मिलने के बाद शिक्षकों ने इसकी रैम, रोम व अन्य फीचर्स पर नजरें दौड़ाई तो खुश हुए।
प्रशिक्षण से मिलेंगे सवालों के जवाब- टैबलेट को लेकर शिक्षकों के मन में कई सवाल हैं। जानकारों ने बताया कि टैबलेट का प्रयोग किस तरह से और किन कार्यों में किया जाएगा इसकी जानकारी प्रशिक्षण के दौरान दी जाएगी। प्रशिक्षण मिलने के बाद शिक्षकों की सारी शंकाएं दूर होने की उम्मीद है।
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