शिक्षामित्र व अनुदेशक निराश, जनवरी के आधे माह का ही मिलेगा मानदेय
बेसिक स्कूलों के शिक्षामित्र और अनुदेशकों को एक बार फिर तगड़ा झटका लगा है। कानपुर देहात के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 1746 शिक्षामित्रों समेत पूरे प्रदेश में 129853 शिक्षामित्र हैं।

राजेश कटियार, कानपुर देहात। बेसिक स्कूलों के शिक्षामित्र और अनुदेशकों को एक बार फिर तगड़ा झटका लगा है। कानपुर देहात के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 1746 शिक्षामित्रों समेत पूरे प्रदेश में 129853 शिक्षामित्र हैं।
इसी तरह जनपद के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 200 अनुदेशकों समेत पूरे प्रदेश में 25223 अनुदेशक कार्यरत हैं जोकि एक बार फिर मनमसोस कर रह गए हैं क्योंकि जनवरी माह के मानदेय की जो ग्रांट जारी की गई है उसमें शीतकालीन के 15 दिवस का मानदेय शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों का काट लिया गया है यानी इनको जनवरी माह में मात्र 15 दिनों का मानदेय प्रदान किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग में कई बड़ी खामियाँ हैं। इन खामियों को अधिकारी मुख्यमंत्री तक दुरुस्त करने की जहमत नहीं करते वरना इस बात को सीएम मंजूरी जरूर दे देते और यूपी के 25 हजार अनुदेशक और 1 लाख 30 हजार शिक्षामित्र मायूस नहीं होते। यूपी के परिषदीय स्कूलों में 31 दिसंबर से लेकर 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहता है। इसमें शिक्षकों को सैलरी मिलती है लेकिन अनुदेशक और शिक्षामित्रों को इन 15 दिनों का मानदेय नहीं मिलता जबकि बेचारे शिक्षामित्रों को मात्र 10 हजार और अनुदेशकों को मात्र 9 हजार मानदेय दिया जाता है। वर्ष 2022 में बेसिक शिक्षा विभाग ने 16 जून से स्कूल खोलने की शुरुआत की तो मानदेय को लेकर हायतोबा मची लिहाजा सरकार ने तब कहा कि जून का मानदेय देंगे जबकि जून माह का भी 15 दिन का मानदेय दिया गया। उस समय अनुदेशक और शिक्षामित्रों ने सोचा सरकार का दिल बड़ा है समय आने पर हमें 15 दिन शीतकालीन अवकाश का भी मानदेय हमारे दरियादिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देंगे लिहाजा सभी अनुदेशक और शिक्षामित्र पूरे मनोयोग से शिक्षण कार्य में जुटे रहे लेकिन सरकार ने जितना काम उतना दाम का फार्मूला अपनाते हुए अवकाश के दिनों के मानदेय की कटौती कर ली और नया शासनादेश जारी कर दिया।
15 जून 2022 शैक्षिक सत्र 2022-23 से परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक अनुदेशकों एवं शिक्षामित्रों के संविदा अवधि एवं नवीनीकरण प्रक्रिया से सम्बन्धित शासनादेशों में संशोधन कर दिया गया। शासनादेश के मुताबिक अंशकालिक अनुदेशकों एवं शिक्षामित्रों को पूर्व की भाँति अधिकतम 11 माह का मानदेय देय है। अंशकालिक अनुदेशकों एवं शिक्षामित्रों की संविदा अवधि 16 जून से 31 मई तक होगी किन्तु उक्त अवधि में शीतकालीन अवकाश को संविदा अवधि में आगणित नहीं किया जायेगा और न ही उक्त अवधि का मानदेय देय होगा। अब समझने वाली बात यह है कि अगर स्थाई शिक्षक को शीतकालीन अवकाश का वेतन दिया जा सकता है तो क्या संविदा कर्मचारियों को मानदेय दिए जाने का प्रावधान नहीं किया जा सकता है।
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