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गर्भस्थ महिलाओं के लिए आचार-विचार और आहार सर्वाधिक महत्वपूर्णः वंदना पाठक
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में आज रविवार को मातृ दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक की प्रेरणा से मातृ दिवस कार्यक्रम दो चरणों में संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्त्रियों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्वास्थ्य जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया।

- सीएसजेएमयू में समरोह पूर्वक मना मातृ दिवस
कानपुर,अमन यात्रा । छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में आज रविवार को मातृ दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक की प्रेरणा से मातृ दिवस कार्यक्रम दो चरणों में संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्त्रियों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्वास्थ्य जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। उद्घाटन डीन एडमिनिस्ट्रेशन प्रोफेसर सुधांशु पांडिया, विशिष्ट वक्ता प्रो. किरन पांडे, विभागाध्यक्ष, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर, डॉ. वंदना पाठक, आयुर्वेदाचार्य, कानपुर, डाक्टर रेनू सिंह गहलोत, वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ कानपुर, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव एवं कानपुर नगर के एसीएमओ डाक्टर सुबोध प्रकाश द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
प्रथम चरण में गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया एवं उन्हें पुष्टाहार भेंट किया गया। इस अवसर पर बैरी कल्याणपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं बिठूर के ईश्वरी गंज एवं बरडबांगर क्षेत्र से 91 गर्भवती महिलाओं का विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जीएसवीएम कॉलेज कानपुर की स्त्री रोग विभाग से डॉक्टर अरुक्षिता एवं डॉक्टर शेफाली तथा वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अंजलि सचान ने महिलाओं के स्त्री रोग संबंधी स्वास्थ्य का परीक्षण किया एवं उन्हें परामर्श दिया। डाक्टर चमन कुमार, एमडी, मेडिसिन ने भी स्वास्थ्य परीक्षण किया एवं परामर्श दिया। इसके साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित सभी गर्भवती महिलाओं की विभिन्न जांचें भी निशुल्क की गई। कार्यक्रम के दूसरे भाग में महिलाओं के स्वस्थ रहने के लिए व्याख्यान आयोजित किए गए। इस कड़ी में सर्वप्रथम आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक ने ‘‘स्वास्थ्य और मातृत्व’’ शीर्षक पर व्याख्यान देते हुए कहा कि आयुर्वेद में गर्भावस्था में आहार एवं आचार-विचार का विशेष उल्लेख है और उन्होंने भारतीय पारंपरिक खानपान पर जोर देते हुए बाह्य खाद्य पदार्थों का सेवन करने से परहेज करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमित योग करने से महिलाएं अपने आपको स्वस्थ और प्रकृति के अनुरूप हर मौसम में ढाल सकती हैं।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. किरण पांडे ने गर्भवती महिलाओं को कम से कम चार बार डॉक्टर से जांच करवाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बहुत ही सरल एवं सहज भाषा में गर्भवती महिलाओं को साफ-सफाई का ध्यान रखने एवं उचित पोषण लेने के लिए प्रेरित किया।
इसी क्रम में डॉ. रेनू सिंह गहलोत, वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ ने गर्भावस्था में आहार और फिटनेस विषय पर व्याख्यान देते हुए गर्भवती महिलाओं को आहार से जुड़ी हुई महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की और बताया कि गर्भस्थ शिशु के उपयुक्त विकास के लिए भी निरंतर व्यायाम करना चाहिए, पौष्टिक भोजन लेना चाहिए तथा नियमित जांच करानी चाहिए।
एसीएमओ एवं वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुबोध प्रकाश ने भी महिलाओं के खानपान संबंधित जानकारी प्रदान की, जिससे गर्भस्थ शिशु स्वस्थ रह सके। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मिशन शक्ति नोडल अधिकारी डा. अनुराधा कालानी, कुलानुशासक डॉ. प्रवीन कटियार, डॉ. वर्षा प्रसाद, डॉ. दिग्विजय शर्मा, डॉक्टर मुनीश स्तोगी, डॉ. रश्मि गोरे , डॉ. स्नेहा पांडे, डॉ. पुष्पा ममोरिया एवं अन्य शिक्षक गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सोनी गुप्ता ने किया।
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