औरैयाउत्तरप्रदेश

दो सप्ताह और चलेगा दस्त नियंत्रण अभियान

भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम में उल्टी-दस्त और डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इस मौसम में बच्चों को डायरिया बचाने के लिए जिले में एक जून से चलाए जा रहे सघन दस्त नियंत्रण अभियान को शासन के निर्देश पर दो सप्ताह के लिए बढ़ा दिया गया है।

Story Highlights
  • डायरिया से बचाव के लिए आशा घर-घर बांट रही ओआरएस और जिंक की गोली
  • दस्त के दौरान देना जारी रखें मां दूध,तरल पदार्थ और ऊपरी आहार
औरैया,अमन यात्रा ।  भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम में उल्टी-दस्त और डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इस मौसम में बच्चों को डायरिया बचाने के लिए जिले में एक जून से चलाए जा रहे सघन दस्त नियंत्रण अभियान को शासन के निर्देश पर दो सप्ताह के लिए बढ़ा दिया गया है। अब यह अभियान आगामी 30 जून तक चलेगा। यह अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. शिशिर पुरी ने जानकारी दी।
डा. पुरी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-उत्तर प्रदेश की निदेशक की ओर से पत्र जारी कर सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा को जारी रखने के लिए कहा गया है। पत्र में कहा गया है कि ऐसे कई स्थान हैं जहां ओआरएस व जिंक वितरण में कुछ कमी रह गई है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए और सुचारू ढंग से अभियान चलाने के लिए आशाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। भीषण गर्मी में बच्चों को दस्त से बचाने के लिए विभाग की ओर से हर संभव प्रयास किया जा रहा है। आशा कार्यकर्ता  घर घर जाकर ओआरएस पैकेट  व जिंक टेबलेट वितरित कर रही है। इसके साथ ही ओआरएस का घोल बनाने का तरीका भी समझा रही हैं। जिन बच्चों को दस्त की शिकायत है। उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर भी लेकर जा रही हैं।
     
जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डा. पंकज कुमार बताते हैं कि डायरिया होने की मुख्य वजह वायरस और बैक्टीरिया होते हैं। जब ये भोजन, पानी, हाथों या किसी अन्य माध्यम से हमारे शरीर में पहुंचते हैं। तो डायरिया हो जाता है। डायरिया का शुरुआती लक्षण बार बार दस्त आना, दस्त पतला होना, दिनभर में चार से पांच बार या उससे भी अधिक बार दस्त आना, पेट में मरोड़ व निचले हिस्से में दर्द होने लगता है।उन्होंने बताया डायरिया होने पर ध्यान रखें कि शरीर में पानी की कमी न हो समय-समय पर नींबू पानी, पानी में नमक व शक्कर मिलाकर पीते रहे। इसके अलावा बच्चों को डायरिया होने पर 5 साल से अधिक उम्र के बच्चों को 14 दिन तक ओआरएस के घोल के साथ जिंक की गोली देनी चाहिए। साथ ही 6 माह से 5 साल तक के बच्चों को ओआरएस घोल के साथ 20 ग्राम की जिंक गोली व दो से छह माह तक के बच्चों को आधी जिंक की गोली देनी चाहिए।
ओआरएस घोल और जिंक टेबलेट के फायदे
दस्त में कमी आती है। जल्द ही दस्त बंद हो जाता है।आने वाले तीन माह तक दस्त व निमोनिया से बचाव करता है।जिंक टेबलेट कैसे दें। दो माह से छ :माह तक के बच्चे को दिन में एक बार आधी गोली मां के दूध से दें। छ : माह से पांच वर्ष तक के बच्चे को दिन में एक बार एक गोली मां के दूध या पानी से दे।
AMAN YATRA
Author: AMAN YATRA

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