प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस पर बच्चों के भाषा विकास डिकोडिंग पठन एवं लेखन पर हुई चर्चा
निपुण भारत अभियान के अंतर्गत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में जारी एकेडमिक रिसोर्स पर्सन के प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस पर बच्चों के भाषा विकास डिकोडिंग पठन एवं लेखन पर चर्चा हुई।

पुखरायाँ ,अमन यात्रा : निपुण भारत अभियान के अंतर्गत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में जारी एकेडमिक रिसोर्स पर्सन के प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस पर बच्चों के भाषा विकास डिकोडिंग पठन एवं लेखन पर चर्चा हुई।
जनपद स्तरीय संदर्भदाता एस आर जी अनन्त त्रिवेदी ने कहा कि राज्य स्तर से कक्षा एक से तीन तक भाषा व गणित शिक्षण हेतु दी जा रही शिक्षण संदर्शिका में प्रत्येक दिन के लिए शिक्षण योजना बना कर दी गई है जिसे पाठ्य पुस्तक एवं कार्यपत्रकों से सीधे जोड़ा गया है।
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संदर्भदाता एस आर जी संत कुमार दीक्षित ने कहा कि भाषा में मौखिक भाषा विकास, डिकोडिंग व पठन हेतु अलग अलग कालांशों में सुनियोजित शिक्षण करना है।मौखिक भाषा विकास पढ़ना लिखना सीखने की नींव है।मौखिक भाषा विकास में बातचीत के अवसर ,तर्क, अनुमान पूर्व ज्ञान ,परिवेश का ज्ञान एवं निष्कर्ष आदि निहित होते हैं। संदर्भदाता एस आर जी अजय कुमार गुप्ता ने कार्यपत्रक के रंगो के आधार पर उनके प्रयोग की समझ विकसित करने पर बल दिया नवीन कार्यपत्रकों के रंगो एवं प्रतीकों के आधार पर ही शिक्षक को कार्य करना है जिसे समझना जरूरी है। इस दौरान एकेडमिक रिसोर्स पर्सन रवि द्विवेदी ,मनोज कुमार शुक्ला, अविनाश चंद्र,नौशाद, सुनील,आत्म प्रकाश,संजय शुक्ल ,रुचिर,सूर्य प्रताप सिंह,सौरभ, उदय सिंह यादव, सुमित सचान, श्रवण दीक्षित ,विमल चंद्राकर ,कृष्ण चंद्र, मनीष अरोड़ा ,आलोक गुप्ता बृजेश सिंह ,राजेंद्र सिंह ,दिनेश बाबू पवन सिंह ,विवेक पाल आदि उपस्थित रहे।
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