पुखरायां, अमन यात्रा : KAMP ने पार्थ बंसल, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार 2020 पुरस्कार विजेता के साथ “अचीवर्स: द लीडर्स ऑफ़ टुमॉरो” के अपने पहले सत्र का आयोजन किया। KAMP, नॉलेज एंड अवेयरनेस मैपिंग प्लेटफॉर्म ने “अचीवर्स: द लीडर्स ऑफ टुमॉरो” के अपने पहले सत्र का आयोजन पार्थ बंसल के साथ जूम प्लेटफॉर्म पर किया। इस कड़ी का मुख्य एजेंडा युवाओं को न केवल नवप्रवर्तन के क्षेत्र में राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल करने वाले युवा पार्थ बंसल की यात्रा को समझने में मदद करना था, बल्कि उन्हें यह समझने में भी मदद करना था कि वे अपनी वास्तविक क्षमता को कैसे प्राप्त कर सकते हैं।
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जैसा कि ज्ञात है … पार्थ बंसल, पार्किंसंस रोगियों के लिए यूटिलिटी स्टिक के प्रर्वतक हैं और उन्हें प्रधान मंत्री राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया जा चुका है। इससे पहले 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी द्वारा ‘ डॉ एपीजे अब्दुल कलाम इग्नाइट अवार्ड’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग में नवाचार अधिकारी संदीप द्विवेदी (उत्तर प्रदेश सरकार),सहित विशेष मेहमानों की उपस्थिति में अपनी नवाचार यात्रा के बारे में बताया तथा देश के विभिन्न शहरों से जुड़े 600 छात्र व छात्राओं के उत्सुकता भरे सवालों के जवाब भी दिए। इस उपयोगी सत्र में प्रो. बी.बी. धर, अध्यक्ष, कैम्प योजना और निगरानी समिति, डॉ कनिका मलिक, मुख्य वैज्ञानिक और बीडीजी, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर, आशीष मित्तल, परियोजना निदेशक, कैम्प और सुश्री एरिका माथुर, सदस्य, कैम्प योजना और निगरानी समिति भी शामिल हुए और उन्होंने पार्थ के प्रयासों व उपलब्धियों को सराहते हुए अन्य बच्चों से अपील की कि वो भी अपने आसपास की समस्याएं पहचान कर उनका समाधान निकालने का प्रयास करें। इस तरह की सोच उनको बेहतर नागरिक बनने में सहायक होगी।
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प्रो. धर ने पार्थ की छड़ी को पेटेंट मिलने को एक बहुत बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि आगे बढ़ने के लिए सही रास्ता चुनना और अभिभावकों का मार्गदर्शन अति आवश्यक है। संदीप द्विवेदी जी ने बच्चों को सफलता की प्रत्येक सीढ़ी चढ़ने के साथ अपने पारवारिक मूल्यों को न भूलने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वे परिवार से जुड़े रहे और छोटी छोटी समस्याओं का हल निकाल कर आसमान की ऊंचाइयों को छू सकते हैं।इस सत्र में पार्थ के बाबा डॉ के एन अग्रवाल तथा अभिभावक संदीप बंसल व सपना बंसल भी शामिल हुए और उनके बचपन से लेकर अभी तक कि यात्रा व उनकी विज्ञान और नवाचार के प्रति जुनून की चर्चा की।
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यह पार्थ बंसल का एक प्रेरक सत्र था जिसने 600 से अधिक छात्रों के जीवन को प्रभावित किया। उन्हें भी अपने नवाचारों के लिए सराहना और मार्गदर्शन भी मिला। न केवल छड़ी बल्कि कोविड काल मे कोरोना से रोकथाम के लिए बनाए कई उपकरणों के लिए भी पार्थ को देश भर में सराहना मिली थी। KAMP, नॉलेज एंड अवेयरनेस मैपिंग प्लेटफॉर्म, काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) , नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस कम्युनिकेशन एंड पॉलिसी रिसर्च (NIScPR) और इंडस्ट्रियल पार्टनर M/S Nysa Communications Pvt लिमिटेड (एनसीपीएल) की एक पहल है। यह रचनात्मकता, सार्थक सीखने, महत्वपूर्ण पढ़ने और सोच व कौशल विकसित करने का इरादा रखता है जो छात्रों की अंतर्निहित क्षमताओं को सामने लाता है। कैम्प का उद्देश्य देश के छात्रों में वैज्ञानिक और तकनीकी स्वभाव की पहचान करना है।
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