दलित नाबालिग बेटी ने किया शादी से इनकार, बारात बैरंग लौटी
स्थानी थाना क्षेत्र के दानगंज चौकी अंतर्गत एक गांव की दलित परिवार की नाबालिग लड़की ने अपने से अधिक उम्र के युवक के साथ शादी का विरोध किया और बाल कल्याण समिति के हस्तक्षेप के बारात बैरंग लौट गयी।

- शिक्षित बेटी होती है समाज का दर्पण: चौकी प्रभारी अरूण कुमार सिंह
दुर्गेश यादव ,चोलापुर/वाराणसी : स्थानी थाना क्षेत्र के दानगंज चौकी अंतर्गत एक गांव की दलित परिवार की नाबालिग लड़की ने अपने से अधिक उम्र के युवक के साथ शादी का विरोध किया और बाल कल्याण समिति के हस्तक्षेप के बारात बैरंग लौट गयी ।लड़की के पिता ने बालिंग होने का लिखित आश्वासन दिया। चौकी प्रभारी दानगंज अरूण प्रताप सिंह ने बिटिया को शिक्षित करने में सहयोग खचां उथाने का वादा किया। बिटिया के साहस की चर्चा क्षेत्र के व्यात है।क्षेत्र के एक गांव में,(रसड़ा गांव निवासी दिनेश राम)दिहाड़ी मजदूर करने वाले दलित मजदूर की कक्षा 11 में पढ़ती है।पुलिस और लड़की का विरोध देख बाराती फरार हो गये चौकी पर घंटों पंचायत के बाद बारात वापस लौट गयी ।चौकी प्रभारी दानगंज ने नाबालिग लड़की के साहसिक फैसले का सहारा करते हुए पढ़ाई में सहयोग करने का आश्वासन दिया लड़की के फैसले का पिता ने भी सम्मान देते हुए बालिग होने और उसकी मर्जी के अनुसार शादी करने का वादा किया।गांवों में लड़की के दुगने उम्र के युवक राजस्थान, हरियाणा और गुजरात से आकर गरीब दलित अशिक्षित परिवार की लड़कियां से शादी करके ले जाते हैं और लड़के वाले ही शादी का पुरा खर्चा भी उठाते हैं साथ में नगदी भी देते हैं सूत्रों की मानें तो वापस लौटी बारात में लड़कों वालो ने दरवाजा का पुरा खर्चा के साथ मोटी रकम भी लड़की के पिता को दी थी।
एक ग्रामीण ने बताया कि शादी के लिए लड़की की तालाश में एजेंट तक सक्रिय हैं।लौटी बारात में शादी करने आये युवक की उम्र 40के करीब और नाबालिग कि उम्र 16साल है।
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