प्रबुद्ध जन संवाद में बोले अमित शाह, पंद्रह वर्ष में पहली बार जेल में आजम, अतीक और मुख्तार
बेहतर कानून व्यवस्था को सुशासन का एक मापदंड बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पिछली सरकारों में धर्म विशेष के अपराधियों के खिलाफ मुकदमा तक दर्ज नहीं होता था। भाजपा ने चेहरा और धर्म देखकर नहीं, बल्कि अपराध देखकर कार्रवाई की।

लखनऊ, अमन यात्रा । बेहतर कानून व्यवस्था को सुशासन का एक मापदंड बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पिछली सरकारों में धर्म विशेष के अपराधियों के खिलाफ मुकदमा तक दर्ज नहीं होता था। भाजपा ने चेहरा और धर्म देखकर नहीं, बल्कि अपराध देखकर कार्रवाई की। प्रबुद्ध जन से संवाद करते हुए उन्होंने कानून व्यवस्था का उदाहरण दिया कि पंद्रह वर्ष में यह इकलौता ऐसा कालखंड है, जिसमें आजम खान, अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जेल में हैं। मोदी-योगी सरकार की तमाम उपलब्धियां गिनाते हुए शाह ने कहा कि भाजपा ने स्थिर सरकार दी है। प्रदेश को नंबर एक बनाने के लिए भाजपा को पांच वर्ष और दें, क्योंकि जातिवादी, परिवारवादी और तुष्टिकरण वाली सरकारें प्रदेश का भला नहीं कर सकतीं।
लखनऊ के छावनी क्षेत्र में प्रबुद्ध जन संवाद में गृह मंत्री ने प्रदेश से अपना निकट का जुड़़ाव तब से बताया, जब 2014 के लोकसभा चुनाव की कमान संभालने के लिए वह मई, 2013 में प्रदेश प्रभारी बनकर आए। कहा कि यहां की समस्याएं इतनी जटिल नजर आती थीं, लेकिन तब तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी के सुशासन की महक देश में फैल चुकी थी। लोगों में विश्वास जागा कि यह व्यक्ति कुछ कर सकता है। भाजपा को प्रचंड जीत मिली। 2013 तक देश की राजनीति ऐसे चलती थी कि लोग कहने लगे देश को ‘पालिसी पैरालिसिस’ हो गया है। उन्हाेंने सपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 2014 से ही उत्तर प्रदेश को आगे ले जाने का यज्ञ-यत्न शुरू हुआ, लेकिन उसमें सबसे बड़ा रोड़ा राज्य सरकार थी।
विकास योजनाओं को जाति-धर्म के सांचे में ढाल दिया। हर योजना का लाभ समुदाय विशेष को मिलता था। शाह ने कटाक्ष किया कि दो सिंचाई योजनाएं तो मेरी (शाह) उम्र से अधिक की हो गईं, लेकिन अधूरी थीं। जिस परियोजना का शिलान्यास तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया, उसका पत्थर तक गायब हो गया था, जिसे ढूंढकर लगवाया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पीएम मोदी के नेतृत्व में 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ा और 325 का प्रचंड बहुमत मिला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल की सराहना करते हुए उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र के 92.6 प्रतिशत वादे पूरे किए। राजनीति से अपराधीकरण और प्रशासन का राजनीतिकरण खत्म करते हुए स्थिर सरकार दी। न पांच वर्ष तक टांग खिंचाई हुई, न मुख्यमंत्री बदलने पड़े और ना ही मंत्रिमंडल में ज्यादा फेरबदल हुआ। सपा और कांग्रेस पर तंज कसा कि स्थिरता तो पीढ़ियों से कांग्रेस और सपा में भी है, लेकिन परिवार तक सीमित है। अमित शाह ने कानून व्यवस्था, आधारभूत ढांचे के विकास, औद्योगिक विकास, अर्थव्यवस्था, ईज आफ डूइंग बिजनेस, रोजगार, कोरोना प्रबंधन आदि की उपलब्धियों का विस्तार से बखान किया।
प्रबुद्ध जन से कहा कि सिर्फ वोट का प्रश्न नहीं है। इस विकास यात्रा में आपका मन से जुड़ना महत्वपूर्ण है। सरकार बनने पर उसे चला तो कोई दल सकता है, लेकिन जनता में आकांक्षा, उत्साह और विश्वास जगाना अहम है, जो कि मोदी-योगी सरकार ने किया है। अतिथियों का स्वागत उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने किया। आभार कार्यक्रम संयोजक सांसद संजय सेठ ने जताया। मंच पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर और विधि मंत्री व लखनऊ छावनी से भाजपा प्रत्याशी ब्रजेश पाठक भी थे।
पांच नहीं, दो वर्ष में यूपी को बनाएंगे नंबर एक : गृह मंत्री ने यूपी का नंबर एक राज्य बनना नैसर्गिक अधिकार है। यहां संसाधन, ऊर्जावान-बुद्धिमान युवा है, सिर्फ बेहतर व्यवस्था चाहिए। भरोसा दिलाया कि पांच वर्ष भाजपा को और दें, अगले दो वर्ष में ही यूपी को नंबर एक बनाकर दिखाएंगे। साथ ही 2024 तक प्रदेश के हर गरीब के पास घर होगा। हर जिले में एक मेडिकल कालेज होगा
काशी, अयोध्या और मां विंध्यवासिनी धाम को धर्म से न जोड़ें : शाह ने कहा कि रामजन्मभूमि, काशी विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी धाम प्रदेश के बड़े मसले थे। श्री काशी विश्वनाथ धाम बन चुका है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण बन रहा है, मां विंध्यवासिनी धाम पर काम चल रहा है। इसे धर्म से न जोड़ें, क्योंकि यह प्रदेश की परंपरा और सांस्कृतिक गौरव हैं।
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