घर के मुख्य द्वार को हल्दी के पानी से धोकर दूर करें वास्तुदोष, जानिए क्या होते हैं चमत्कारी फायदे
वास्तुशास्त्र में हर स्थान का विशेष महत्व है। घर की हर जगह फिर चाहे वह सोने का स्थान हो या फिर रसोई और मुख्य द्वार किसी एक भी वास्तुदोष होने से जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है

मेरठ,अमन यात्रा । वास्तुशास्त्र में हर स्थान का विशेष महत्व है। घर की हर जगह फिर चाहे वह सोने का स्थान हो या फिर रसोई और मुख्य द्वार किसी एक भी वास्तुदोष होने से जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि वास्तुदोष होने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। यदि छोटे छोटे कुछ उपाय कर लिए जाए तो वास्तुदोष को दूर कर घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया जा सकता हैं। इसमें सबसे प्रमुख है मुख्य द्वार जहां से कोई भी सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती हैं।
मुख्य द्वार को हल्दी के पानी से करें साफ
पुराने समय में महिलाएं सुबह सुबह ही मुख्य द्वार को पानी से धोकर साफ किया करती थी। समय के साथ लोग की सोच और दिनचर्या में बदलाव आता गया और मान्यताएं बदलती गई। वास्तुशास्त्री और टैरो कार्ड रीडर हरसिमरन बेदी बताती हैं कि मुख्य द्वार को रोज पानी से धोकर साफ करना चाहिए इस पानी में थोड़ी हल्दी मिला दी जाए तो इससे परिवार की आर्थिक तंगी और पैसों की कमी दूर हो जाती है।
आटे से बनाए रंगोली
वास्तुदोष को दूर करने के लिए मुख्य द्वार पर नियमित आटे से रंगोली बनानी चाहिए। जो महिलाएं रोज रंगोली नहीं बना सकती वह सप्ताह में दो बार ऐसा जरूर करें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है।
स्वास्तिक और लगाए देवी देवताओं के चिन्ह
घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रही इसके लिए जरूरी है कि मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाए। इससे घर के सदस्यों की बीमारी दूर होती है, और घर में खुशहाली आती है। इसके अलावा मुख्य द्वार पर तोरण लगाना भी शुभ रहता है। यह तोरण आम के पत्तों का बनाकर भी लगा सकते हैं। इसके अलावा भगवान गणेश और मां लक्ष्मी के चरण और शुभ लाभ जैसे शुभता के प्रतीक चिन्ह लगाकर भी नकारात्मक शक्तियों को दूर किया जा सकता है।
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