कानपुर देहात: नाबालिग से दरिंदगी करने वाले दो दरिंदों को 20-20 साल की जेल, पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला
रूरा पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना और प्रभावी पैरवी से पीड़िता को मिला न्याय।

कानपुर देहात के थाना रूरा क्षेत्र में वर्ष 2019 में एक नाबालिग बालिका के साथ हुई हैवानियत के मामले में अदालत ने दोषियों को कड़ा सबक सिखाया है। मिशन शक्ति 5 अभियान के तहत महिला संबंधी अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए माननीय पॉक्सो कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को उम्रकैद जैसी सख्त सजा से दंडित किया है। पुलिस की प्रभावी पैरवी और ठोस वैज्ञानिक साक्ष्यों ने इन अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
5 साल बाद मिला न्याय: सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों पर लगा भारी जुर्माना
घटना 4 फरवरी 2019 की है, जब ग्राम रैरी निवासी लकी उर्फ पिन्टू और संजय ने एक नाबालिग बालिका को अपनी हवस का शिकार बनाया था। इस शर्मनाक वारदात के बाद थाना रूरा में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गुणवत्तापूर्ण विवेचना की और 15 जून 2019 को ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार सच की जीत हुई और पीड़िता को इंसाफ मिला।
ऑपरेशन कन्विक्शन और मिशन शक्ति का दिखा असर
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर अपराधियों को त्वरित सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत रूरा पुलिस और मॉनिटरिंग सेल ने इस केस में बेहतरीन पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों को इतनी मजबूती से पेश किया कि अभियुक्तों का बचना नामुमकिन हो गया। अदालत ने समाज में कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से दोनों दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास और प्रत्येक पर 51,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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