ऑपरेशन कन्विक्शन: गोवध के दोषी को सजा और अर्थदंड
डेरापुर पुलिस और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी से बीस साल पुराने मामले में आया फैसला

कानपुर देहात के थाना डेरापुर क्षेत्र में वर्ष 2006 में हुई गोवध की एक घटना में न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के चलते अभियुक्त नादिर को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई है। यह मामला समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
घटना का विवरण 28 जनवरी 2006 का है, जब महुआ गांव के निवासी नादिर पुत्र हसन अली के विरुद्ध गोवध निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। थाना डेरापुर पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए गुणवत्तापूर्ण विवेचना की और वास्तविक तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर 28 मार्च 2006 को ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
अभियुक्त को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत डेरापुर पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन विभाग और मॉनिटरिंग सेल ने निरंतर पैरवी की। न्यायालय में गवाहों के बयान और ठोस साक्ष्यों को प्रस्तुत किया गया। अंततः न्यायालय एसीजेएम-01 कानपुर देहात ने अभियुक्त नादिर द्वारा जुर्म स्वीकार करने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे दोष सिद्ध पाया। न्यायालय ने दोषी को जेल में बिताई गई अवधि की सजा और 2,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने की स्थिति में अभियुक्त को 10 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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