अंदर की बात: इस बार क्यों देनी पड़ी सहकारिता निदेशक को ‘सख्त सलाह’?
झींझक सहकारी बैंक में मासिक समीक्षा बैठक, रबी सीजन पर विशेष फोकस

कानपुर देहात (झींझक)। जिला सहकारी बैंक शाखा झींझक में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक इस बार बेहद अहम रही, जिसके केंद्र में किसानों को मिलने वाली सुविधाओं में तेजी और सहकारी सदस्यता अभियान था। निदेशक प्रतिनिधि कृष्ण प्रताप सिंह ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों और सचिवों को दो टूक निर्देश दिए, जिसका सीधा असर गांव-देहात के किसानों पर पड़ने वाला है।
‘लापरवाही नहीं चलेगी’: उर्वरक वितरण और ऋण पर सख्त निर्देश
निदेशक प्रतिनिधि ने अक्टूबर से चल रहे सदस्यता अभियान को तत्काल प्राथमिकता देने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक पात्र ग्रामीण बैंक की सुविधाओं से जुड़ सकें। सबसे महत्वपूर्ण निर्देश रबी सीजन से ठीक पहले आए हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि उर्वरक वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और भंडारण की कमी नहीं होनी चाहिए। ऋण वितरण की धीमी गति पर चिंता जताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराना ही सहकारिता की रीढ़ है, इसमें किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लंबित मामले निपटाओ, गांव-गांव संवाद बढ़ाओ
बैठक में शाखा प्रबंधक आदेश कुमार समेत सभी सहयोगी सदस्य मौजूद थे। निदेशक प्रतिनिधि ने सभी को लंबित मामलों का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण करने और समितियों के माध्यम से गांव स्तर पर जागरूकता गतिविधियों को तेज करने की सलाह दी। अंत में, उन्होंने बेहतर समन्वय और पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाकर अगले माह के लिए निर्धारित सभी लक्ष्यों को हर हाल में प्रभावी ढंग से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
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