यूपी : शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का बेसिक शिक्षा निदेशालय से लेकर कलैक्ट्रेट तक प्रदर्शन
सहायक अध्यापक भर्ती से छूटे अभ्यर्थियों ने मंगलवार को बड़ी संख्या में बेसिक शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन किया.

अभ्यर्थियों का आरोप है कि हाल ही में सरकार ने बेसिक शिक्षा में 31,661 पदों की सहायक अध्यापक भर्ती की है. उसमें हाई मेरिट वाले बाहर हैं और लो मेरिट वालों को नियुक्ति पत्र मिल गए. अभ्यर्थियों के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में ऐसा हुआ है कि एक ही जिले में, एक ही कैटेगरी में जिसकी मेरिट कम है, उसे नियुक्ति पत्र मिल गया जबकि जिसकी मेरिट अधिक है वो बाहर है. धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने कहा कि यह मामला हाइकोर्ट में भी चल रहा है. जहां खुद सरकार ने अपनी गलती मानी है. इसके बावजूद बिना मेरिट लिस्ट में संशोधन किए ही जिनको नियुक्ति पत्र मिल चुके उन्हीं की काउंसलिंग कराकर जॉइनिंग करायी जा रही है. धरना दे रहे अभ्यर्थी बाकायदा मेरिट लिस्ट लेकर पहुंचे.
बाकी पदों पर राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल करने की मांग
वहीं दूसरी ओर 69 हज़ार भर्ती के ही अभ्यर्थियों के एक समूह ने कलैक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया. इनका कहना है कि जब भर्ती पूरे पदों के लिए जारी 67,867 चयनित अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट से हो रही थी तो ये भी चयनित थी. इन्हें भी नियुक्ति मिलती लेकिन अब भर्ती 31,661 पदों के लिए होने पर ये बाहर हो गए हैं. कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि इस मामले को लेकर 24 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित किया था. सरकार 1 हफ्ते में कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर आदेश जारी करने का आग्रह करे.
जनवरी 2019 में हुई भर्ती परीक्षा, लेकिन आज तक नियुक्ति के विवाद जारी
मालूम हो कि बेसिक शिक्षा विभाग ने 6 जनवरी 2019 को सहायक अध्यापकों के 69 हज़ार पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन किया था. इसके बाद 7 जनवरी 2019 को विभाग ने पासिंग मार्क जारी किए. जिसके खिलाफ शिक्षामित्र कोर्ट चले गए. इसके बाद ये भर्ती तमाम विवादों में घिरी रही. एक के बाद एक कई कोर्ट केस हुए. हाल ही में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के मई 2020 के एक अंतरिम आदेश का हवाला देते हुए 69 हज़ार में से 31,661 पदों के लिए भर्ती शुरू की. इसमें 31,277 अभ्यर्थियों को मेरिट लिस्ट में जगह मिली. खुद सीएम योगी ने 16 अक्टूबर को एक कार्यक्रम के दौरान 31,277 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांटने की शुरुआत की. इस समय प्रदेश में इन नवनियुक्त सहायक अध्यापकों को विद्यालय आवंटन की काउंसलिंग चल रही है. लेकिन विवाद अब भी जारी हैं.
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