शिक्षकों की लड़ाई में चौपट हो रही बच्चों की पढ़ाई
शिक्षकों की आपसी लड़ाई में सरवनखेड़ा विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय करसा में बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही है। शिक्षकों के आपसी लड़ाई का मामला जिले से लेकर निदेशालय तक पहुंच चुका है। खास बात यह है कि इस स्कूल में शिक्षकों को पढ़ाने से ज्यादा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में स्कूल का समय निकल जाता है।

अमन यात्रा, सरवनखेड़ा कानपुर देहात। शिक्षकों की आपसी लड़ाई में सरवनखेड़ा विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय करसा में बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही है। शिक्षकों के आपसी लड़ाई का मामला जिले से लेकर निदेशालय तक पहुंच चुका है। खास बात यह है कि इस स्कूल में शिक्षकों को पढ़ाने से ज्यादा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में स्कूल का समय निकल जाता है। इन शिक्षकों को बच्चों के भविष्य की चिंता ही नहीं है। जनपदीय अधिकारी कई बार स्कूल जाकर विवाद सुलझाने का प्रयास भी कर चुके हैं बावजूद इसके मामला सुलझता नहीं दिख रहा है।
यहां मामला इतना बढा कि कुछ शिक्षकों ने महानिदेशक तक शिकायत पहुंचा दी जिस वजह से आज लखनऊ से एक टीम ने विद्यालय पहुंचकर निरीक्षण किया लेकिन प्रधानाध्यापिका प्रीति आज अवकाश पर थीं जबकि निरीक्षण की जानकारी पहले से ही दी जा चुकी थी और समस्त स्टाफ को उपस्थित रहने के निर्देश थे। इस विद्यालय में प्रधानाध्यापिका प्रीति, सहायक अध्यापक क्रमश: अंजना वाघवानी, सुनीता गौतम, गुंजन शर्मा, बीनू यादव एवं दो शिक्षामित्र मनोज व मीना देवी कार्यरत हैं। विद्यालय में 176 बच्चे नामांकित हैं जिसमें 124 बच्चें उपस्थित मिले। विद्यालय में बाउंड्रीवाल नहीं है। विद्यालय की पुताई भी करीब 5 वर्ष से नहीं करवाई गई है। अब देखना यह है कि उच्च स्तर से इस विद्यालयों के शिक्षकों पर क्या कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है।
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