हरितालिका तीज पर महिला शिक्षिकाओं को मिलेगी छुट्टी, लेकिन इन नियमों का करना होगा पालन
बेसिक शिक्षा विभाग ने 14 सितंबर के अवकाश को लेकर स्थिति की स्पष्ट, एक सत्र में केवल एक ही तीज की मिलेगी छुट्टी।
राजेश कटियार, कानपुर देहात: Haritalika Teej Teacher Leave के अंतर्गत कानपुर देहात के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत महिला शिक्षिकाओं के लिए विशेष अवकाश की व्यवस्था की गई है। इस वर्ष 14 सितंबर 2026 (सोमवार) को रखे जाने वाले इस कठिन और आस्था से भरे व्रत को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, खुशहाली और तरक्की की कामना के लिए पूरे 24 घंटे तक अन्न-जल का त्याग कर निर्जला उपवास रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
अवकाश के लिए ‘एक सत्र एक तीज’ का नियम
शिक्षिकाओं के धार्मिक हितों को ध्यान में रखते हुए जहां एक ओर अवकाश की सुविधा दी गई है, वहीं दूसरी ओर विद्यालयों में पठन-पाठन का माहौल प्रभावित न हो इसके लिए विशेष दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। Haritalika Teej Teacher Leave का लाभ लेने के लिए विभागीय नियमों का पालन अनिवार्य है। नियमों के अनुसार महिला शिक्षकों को संपूर्ण सत्र में केवल एक तीज पर्व का ही अवकाश दिया जाएगा। महिला शिक्षिकाएं हरियाली तीज (15 अगस्त) या हरितालिका तीज (14 सितंबर) में से किसी एक ही अवसर पर विशेष अवकाश ले सकती हैं।
पारदर्शिता और शैक्षणिक संतुलन पर जोर
बेसिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षिकाओं ने 15 अगस्त को हरियाली तीज के दिन छुट्टी का लाभ ले लिया है, उन्हें 14 सितंबर को पुनः अवकाश नहीं दिया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य त्योहारों की सांस्कृतिक महत्ता को बनाए रखने के साथ-साथ विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों में संतुलन और पारदर्शिता बनाए रखना है। विभाग का मानना है कि इन नियमों से जहां शिक्षिकाएं अपनी धार्मिक परंपराएं निभा सकेंगी, वहीं छात्रों की पढ़ाई में भी कोई अनावश्यक बाधा उत्पन्न नहीं होगी। सभी प्रधानाध्यापकों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।



