अब आधार से लिंक होगी भू-सम्पत्ति की रजिस्ट्री
रदेश में भू-सम्पत्ति के दस्तावेज के रजिस्ट्रीकरण की प्रक्रिया में पक्षकारों की पहचान, उनकी सहमति से किये जाने के लिए आधार प्रमाणीकरण किया जाएगा।इस बारे में रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1908 के अधीन राज्यपाल ने अनुज्ञा प्रदान की है।

अमन यात्रा, कानपुर देहात: प्रदेश में भू-सम्पत्ति के दस्तावेज के रजिस्ट्रीकरण की प्रक्रिया में पक्षकारों की पहचान, उनकी सहमति से किये जाने के लिए आधार प्रमाणीकरण किया जाएगा।इस बारे में रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1908 के अधीन राज्यपाल ने अनुज्ञा प्रदान की है। स्टाम्प एवं रजिस्ट्री विभाग की प्रमुख सचिव वीना कुमारी ने इस बारे में शुक्रवार को शासनादेश जारी किया है। इस शासनादेश के अनुसार दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण की प्रक्रिया में आधार प्रमाणीकरण के लिए पक्षकारों की सहमति प्राप्त करने की पद्धति महानिरीक्षक निबंधन द्वारा स्थापित की जाएगी।
अभी तक दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण की प्रक्रिया में पक्षकारों और गवाहों के आधार लिये तो जाते थे मगर नकल में उनके प्रिंट आउट नहीं शामिल किये जाते थे क्योंकि ऐसा करने से आधार का दुरुपयोग हो रहा था। अब पक्षकारों की सहमति से आधार की स्कैनिंग भी होगी।
Discover more from अमन यात्रा
Subscribe to get the latest posts sent to your email.