अफसरों की लापरवाही से परिषदीय विद्यालयों के हजारों शिक्षक चयन वेतनमान एवं प्रोन्नत वेतनमान से वंचित
एक जनवरी से सिर्फ मानव संपदा पोर्टल पर चयन वेतनमान एवं प्रोन्नत वेतनमान के लिए आवेदन करने का निर्देश है।

राजेश कटियार, कानपुर देहात। अफसरों की लापरवाही से परिषदीय स्कूलों के हजारों शिक्षक चयन वेतनमान एवं प्रोन्नत वेतनमान के लाभ से वंचित हैं। एक जनवरी से सिर्फ मानव संपदा पोर्टल पर चयन वेतनमान एवं प्रोन्नत वेतनमान के लिए आवेदन करने का निर्देश है। बेसिक शिक्षा विभाग नौ माह बीतने के बाद भी ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पर शुरू नहीं कर सका है। मानव सम्पदा पोर्टल पर इसके लिए अब तक अलग आइकॉन तक नहीं बना है। परिणामस्वरूप चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान पाने के लिए शिक्षक विभागीय दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
एरियर बढ़ेगा तो भुगतान में होगी दिक्कत-
शिक्षकों को चिंता इस बात की भी सता रही है कि पोर्टल पर आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराने में हो रहे विलम्ब से एरियर बढ़ेगा जो अधिक होने पर सरकार के सामने समस्याएं खड़ी करेगा। शिक्षकों का आरोप है कि अधिकारी इस पारदर्शी व्यवस्था को लागू करने से कतरा रहे हैं।
सेवा के 10 और 22 वर्ष पूरे होने
पर मिलता है लाभ-
नियमानुसार परिषदीय शिक्षकों को एक ही पद पर 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर चयन वेतनमान तथा 22 वर्ष की एक ही पद पर सेवा पर प्रोन्नत वेतनमान दिया जाता है। चयन वेतनमान मिलने पर एक वार्षिक वेतन वृद्धि अर्थात इंक्रीमेंट दिए जाने का प्रावधान है।
अब चयन वेतनमान की स्वीकृति वर्ष में केवल दो बार जनवरी और जुलाई में की जाएगी-
चयन वेतनमान प्रभावी कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 10 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही देय होगा। बकाया एरियर भी जनवरी अथवा जुलाई में ही प्रदान किया जाएगा।
उदाहरण-
यदि 72825 बैच के निर्भय सिंह जी ने कार्यभार 9 नवम्बर 2015 को ग्रहण किया है तो उनके 10 वर्ष 9 नवम्बर 2025 को पूर्ण होंगे। नई व्यवस्था के अनुसार उनका चयन वेतनमान जनवरी 2026 में स्वीकृत होगा। इस स्थिति में 9 नवम्बर से 31 दिसम्बर 2025 तक का एरियर देय होगा।
नियम-
जिन अध्यापकों के कार्यभार ग्रहण की तिथि जुलाई से दिसम्बर के बीच आता है उन्हें चयन वेतनमान आगामी जनवरी में मिलेगा। जिन अध्यापकों की कार्यभार ग्रहण तिथि जनवरी से जून के बीच आती है उन्हें चयन वेतनमान आगामी जुलाई में स्वीकृत होगा।
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