अवैध संबंध को लेकर हुए हत्याकांड में तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा,15–15 हजार अर्थदण्ड भी
बिल्हौर थाना क्षेत्र में 10 वर्ष पूर्व हुई थी घटना, अपर जिला एवं सत्र न्यायालय( प्रथम ) कानपुर देहात में सुनाई गई सजा
- अर्थदण्ड की आधी धनराशि नियमानुसार मृतक के परिजनों को दिए जाने का भी फैसला
सुशील त्रिवेदी,कानपुर देहात: कानपुर नगर जनपद के बिल्हौर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम डोडा जमौली निवासी भगवान दी न की हत्या के मामले में आज न्यायिक क्षेत्र कानपुर देहात की अदालत ने तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजत सिन्हा की अदालत ने तीनों अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के अंतर्गत दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया। इसके साथ ही, अदालत ने प्रत्येक दोषी पर ₹15-15 हजार का अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि इस अर्थदंड की आधी धनराशि नियमानुसार मृतक के परिजनों को दी जाए।
घटना विवरण की जानकारी देते हुए अपर शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि मृतक भगवान दी न के पुत्र रिंकू ने दिनांक 24.05.2015 को बिल्हौर थाना पुलिस को सूचना दी थी कि उनके पिता की हत्या कर दी गई है। रिंकू ने अपने पड़ोसी सगे भाईयों – राधेश्याम, राम प्रकाश, राम किशोर और विनोद कुमार (सभी पुत्र गंगा राम) – को हत्या के लिए नामित किया था।
पुलिस विवेचना में हत्या का कारण स्पष्ट करते हुए कहा गया था कि आरोपी राम किशोर की पत्नी गुड्डी के संबंध मृतक भगवान दी न से थे, जिसके चलते यह हत्या की गई थी। हालांकि, मुकदमा सुनवाई के दौरान नामजद अभियुक्तों में से एक भाई राम किशोर की मृत्यु हो गई थी, इसलिए उसका नाम मुकदमे से हटा दिया गया था।
आज अदालत ने शेष तीनों अभियुक्तों – राधेश्याम, राम प्रकाश और विनोद कुमार – को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही उन पर अर्थदंड भी लगाया गया।



