उद्यमियों को मिला विशेषज्ञों का गुरुमंत्र: राजकीय फल संरक्षण केंद्र में प्रशिक्षण के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने सिखाए सफलता के सूत्र
नाबार्ड और कृषि वैज्ञानिकों ने साझा किए अनुभव, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और फॉर्मलाइजेशन पर दिया जोर

कानपुर। कबीर भवन स्थित राजकीय फल संरक्षण केंद्र में चल रहे प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तीन दिवसीय क्षमता वर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा दिन उद्यमियों के लिए बेहद ज्ञानवर्धक रहा। जिला रिसोर्स पर्सन शिवम त्रिपाठी ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक लाभार्थी उद्यमी को उनके उद्यम के पूर्ण फॉर्मलाइजेशन और उद्यमिता प्रोत्साहन के प्रति तैयार करना है।
नाबार्ड और बैंकिंग योजनाओं की मिली जानकारी
प्रशिक्षण सत्र के दूसरे दिन पाँच विषय विशेषज्ञ अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने उद्यमियों को संबोधित किया। डीडी नाबार्ड राहुल यादव ने नाबार्ड से संबंधित विभिन्न योजनाओं और पीएमएफएमई योजना के तहत अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की बारीकियों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पंजीकरण और दस्तावेजीकरण कितना महत्वपूर्ण है।
उन्नत कृषि और नवीन अनुसंधान पर चर्चा
सीएसए (CSA) वैज्ञानिक डॉ. महक सिंह ने उन्नत कृषि फसलों के विषय में जानकारी दी, ताकि उद्यमी बेहतर गुणवत्ता वाले कच्चे माल का उपयोग कर उत्कृष्ट उत्पाद तैयार कर सकें। वहीं, खाद्य प्रसंस्करण विशेषज्ञ वैज्ञानिक डॉ. एन.सी. पांडे ने खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में हुए नवीन अनुसंधानों और नए उत्पादों के निर्माण की संभावनाओं से उद्यमियों को रूबरू कराया।
मोटे अनाज और मार्केटिंग के गुर
सेवानिवृत्त खाद्य प्रसंस्करण प्रधानाध्यापिका श्रीमती उपासना दीक्षित ने स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों के निर्माण, विशेषकर मोटे अनाज (मिलेट्स) के उपयोग पर जोर देते हुए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही, राजकीय फल संरक्षण केंद्र के पूर्व प्रभारी नरेश सचान ने खाद्य प्रसंस्करण, प्रभावी मार्केटिंग और बैंकिंग सहूलियतों के विषय में अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान आयोजक और राजकीय फल संरक्षण केंद्र के प्रभारी कमलेश बाबू मिश्रा एवं जितेंद्र मिश्रा सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। विशेषज्ञों के इस मार्गदर्शन से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 30 लाभार्थी उद्यमियों में अपने सूक्ष्म उद्योगों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का उत्साह देखने को मिला।



