कानपुर: छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में लाजपत भवन में आयोजित हुआ छत्रपति महोत्सव
शिवाजी की भव्य शोभायात्रा और सामाजिक समरसता सम्मेलन का हुआ आयोजन, प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद

राजेश कटियार, कानपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज की जयन्ती के अवसर पर कुर्मी परिवार समागम द्वारा लाजपत भवन में सामाजिक समरसता सम्मेलन आयोजित किया गया। छत्रपति महोत्सव की शुरूआत मोतीझील मेट्रो स्टेशन के निकट स्थित शिवाजी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया इसके पश्चात प्रतिमा स्थल से लाजपत भवन तक आशीष सचान, राजेन्द्र प्रसाद, अरविन्द सचान के निर्देशन में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। रथ पर सवार शिवाजी के आसपास घुड़सवार सैनिक और डीजे की धुन पर लोग नाचते गाते चल रहे थे। यात्रा में जय भवानी जय शिवाजी के नारों की गूंज थी।
लाजपत भवन में शिवाजी के आगमन पर लोगों ने शानदार स्वागत किया। सम्मेलन की शुरूआत अतिथियों ने दीप प्रज्वलन के साथ सामूहिक राष्ट्रगान व जीजाऊ वन्दना से किया गया। सम्मेलन का संचालन डॉ० अनूप सचान ने किया। इस मौके पर किसान सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश काकड़े ने कहा कि शिवाजी को महाराजा व छत्रपति माता जीजाऊ ने बनाया था। हमें अपने समाज में जीजाऊ पैदा करना है जिससे हजारों शिवाजी अपने आप पैदा होगें। उन्होंने कहा कि कुर्मी देश पर राज करने के लिये हैं।
शिवाजी ने कभी पंचांग मुहूर्त या कैलेण्डर देख युद्ध नहीं किए। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि शिवाजी ने अपने कौशल से भारत में डंका बजाया। शिवाजी सिर्फ महाराजा नहीं उन्होंने सियासत बदलने का कार्य किया। दि मिशन सरदार के अध्यक्ष चिराग भाई पटेल ने कहा कि हम समरसता नहीं समता में विश्वास करते हैं। हम सब एक दूसरे के साथ काम करें यही समता है।
मराठा समन्वय परिषद प्रधान कमलेश पाटिल ने कहा कि देश को बनाने व खिलाने वाले कुर्मी हैं। गया प्रसाद कटियार, महामना राम स्वरूप वर्मा, चौधरी नरेन्द्र सिंह सचान, पूर्व कुलपति सर्वज्ञ सिंह कटियार, राम किशोर वर्मा, प्रभू दयाल सिंह सचान, रमेश उत्तम, डॉ० बृजलाल वर्मा, डॉ० सोनेलाल पटेल, ओपी आर्या के परिजनों को आयोजन समिति द्वारा सम्मानित किया गया। समाज के उत्थान में विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले पारिवारिक सदस्यों को भी कुर्मी परिवार समागम में सम्मानित किया गया। इस दौरान आशीष सचान, जय नारायन कटियार, राजेन्द्र वर्मा, अरविन्द सचान, अनुक्रम सिंह, बृजेन्द्र स्वरूप सचान, योगेन्द्र सचान, आलोक सचान, आनन्द कटियार, प्रमोद सचान अवधेश कटियार, बीडी सचान, हेमन्त कटियार समेत हजारों लोग मौजूद रहे।



