कानपुर देहात: अपनों से बिछड़ी विक्षिप्त महिला के लिए ‘देवदूत’ बनी मिशन शक्ति टीम
महाराजगंज से भटककर कानपुर देहात पहुंची थी सुनीता, पुलिस ने सकुशल परिजनों को सौंपा

- चौराहे पर संदिग्ध हालत में मिली थी महिला, पति और बेटे ने रसूलाबाद पुलिस का जताया आभार
कानपुर देहात। खाकी का मानवीय चेहरा एक बार फिर रसूलाबाद में देखने को मिला, जहां मिशन शक्ति टीम की सतर्कता से एक विक्षिप्त महिला अपने परिवार से दोबारा मिल सकी। महाराजगंज जिले से भटककर कानपुर देहात पहुंची महिला को पुलिस ने न केवल सुरक्षा दी, बल्कि कड़ी मशक्कत के बाद उसके घर का पता लगाकर उसे सकुशल सुपुर्द किया।
चौराहे पर संदिग्ध हालत में मिली थी महिला
मामला 6 अप्रैल का है, जब पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में मिशन शक्ति टीम रसूलाबाद कस्बे में भ्रमण पर थी। इसी दौरान टीम को चौराहे के पास 45 वर्षीय महिला संदिग्ध अवस्था में घूमती मिली। पूछताछ में महिला ने अपना नाम सुनीता बताया और खुद को जनपद महाराजगंज के थाना पनियारा क्षेत्र का निवासी बताया। महिला की मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण पुलिस ने उसे तत्काल सुरक्षा में लिया।
48 घंटे के भीतर परिजनों से संपर्क
रसूलाबाद पुलिस ने तत्काल महाराजगंज के पनियारा थाने से संपर्क साधा और महिला के हुलिए व पते के आधार पर उसके परिजनों की तलाश शुरू की। पुलिस की सक्रियता का परिणाम रहा कि बुधवार को महिला के पति रामभरोसे और पुत्र राजकुमार रसूलाबाद थाने पहुंचे। परिजनों ने बताया कि सुनीता मानसिक रूप से अस्वस्थ है और घर से कहीं भटक गई थी।
परिजनों की आंखों में आए खुशी के आंसू
आवश्यक पहचान और दस्तावेजी कार्यवाही के बाद पुलिस ने सुनीता को उसके पति और बेटे को सौंप दिया। अपनी मां को सुरक्षित पाकर बेटे राजकुमार की आंखें भर आईं। परिजनों ने मिशन शक्ति टीम और रसूलाबाद पुलिस के इस नेक कार्य के लिए बार-बार धन्यवाद दिया। पुलिस की इस तत्परता की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।
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