कानपुर देहात: टूटे परिवारों के लिए आशा की ‘नई किरण’, पुलिस की पहल से फिर एक हुए चार बिखरे परिवार
एसपी श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में बिखरते रिश्तों को मिल रही नई संजीवनी

कानपुर देहात जिले में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए संचालित “मिशन शक्ति 5.0” के तहत एक भावुक और सकारात्मक पहल देखने को मिली है। रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार कक्ष में ‘प्रोजेक्ट नई किरण’ के बैनर तले उन परिवारों को मिलाने का प्रयास किया गया, जिनके रिश्ते कड़वाहट के कारण टूटने की कगार पर थे। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में कई बिखरे हुए परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटी।
पति-पत्नी ने भुलाए पुराने गिले-शिकवे ‘प्रोजेक्ट नई किरण’ के समक्ष आज कुल 38 पारिवारिक विवाद के मामले आए। इन मामलों में पति-पत्नी और उनके परिजनों के बीच लंबे समय से मनमुटाव चल रहा था। नई किरण के सदस्यों और पुलिस टीम ने दोनों पक्षों की बातों को धैर्यपूर्वक सुना और उन्हें साथ रहने के महत्व के बारे में समझाया। उनकी मेहनत रंग लाई और 04 परिवारों ने पुरानी बातों को भुलाकर फिर से एक साथ रहने का संकल्प लिया। समझौता होने के बाद ये परिवार खुशी-खुशी अपने घर रवाना हुए।
शेष मामलों में दी गई अगली तारीख जिन 34 मामलों में रविवार को सहमति नहीं बन पाई, उनमें काउंसलिंग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अगली तिथि दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि निरंतर संवाद और उचित परामर्श से भविष्य में इन मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। इस प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य कोर्ट-कचहरी के चक्करों से बचाकर परिवारों को प्रेमपूर्वक एक सूत्र में बांधना है।
इनका रहा विशेष योगदान कार्यक्रम को सफल बनाने में थानाध्यक्ष श्रीमती सुषमा, महिला हेड कांस्टेबल जयमाला, महिला कांस्टेबल शालू देवी, रीनू, शिवम पाण्डेय और रागिनी ने सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही महिला सहायता प्रकोष्ठ और ‘प्रोजेक्ट नई किरण’ के वरिष्ठ सदस्य डॉ पूनम गुप्ता, रामप्रकाश और जियाउल हक का विशेष योगदान रहा।



