कानपुर देहात: नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास के दोषी को 3 साल की जेल
ऑपरेशन कन्विक्शन का असर: गजनेर पुलिस की पैरवी से अपराधी को मिली सजा

कानपुर देहात में महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ और ‘मिशन शक्ति-5’ अभियान को बड़ी सफलता मिली है। माननीय न्यायालय ADJ-13/पॉक्सो एक्ट ने गजनेर थाना क्षेत्र के एक मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए अभियुक्त रामू को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त को 3 वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
2019 की घटना में मिला त्वरित न्याय
मामला 2 जुलाई 2019 का है, जब गजनेर के ग्राम ररुआ निवासी अभियुक्त रामू पुत्र जियालाल ने घर में सो रही एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए विभिन्न गंभीर धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। विवेचक द्वारा साक्ष्य संकलन के बाद मात्र एक माह के भीतर 1 अगस्त 2019 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया था।
प्रभावी पैरवी से अपराधी को मिली सजा
पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए गजनेर पुलिस, कोर्ट पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने रामू को दोषी पाया। न्यायाधीश ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि अर्थदंड न भरने की स्थिति में अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस प्रशासन के अनुसार, यह सजा समाज में कड़ा संदेश देगी और महिला संबंधी अपराधों को रोकने में मददगार साबित होगी।
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