कानपुर देहात में विसर्जन के दौरान यमुना नदी में डूबी प्रांशी 24 घंटे बाद भी लापता
सर्च ऑपरेशन जारी, पुलिस बोली जल्द ढूंढ निकाला जाएगा

कानपुर देहात के अमराहट थाना क्षेत्र के बिलासपुर बांगर गांव में यमुना नदी में डूबी 19 वर्षीय प्रांशी का 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सुराग नहीं लग सका है।बुधवार को घटना के तीन घंटे बाद उसकी छोटी बहन रागिनी का शव बरामद कर लिया गया था।जिसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।घटना बुधवार सुबह करीब 9 बजे उस समय हुई जब सेनापति की दो पुत्रियां प्रांशी और रागिनी गांव की 8.10 लड़कियों के साथ टेसू और झिंझिया के विसर्जन के लिए यमुना नदी गईं थीं।विसर्जन के बाद स्नान करते समय रागिनी गहरे पानी में डूबने लगी।
उसे बचाने के लिए प्रांशी भी नदी में कूद गई और देखते ही देखते दोनों बहनें नदी के गहरे पानी में समा गईं।इसके बाद वहां मौजूद सहेलियों ने घटना की सूचना प्रांशी और रागिनी के पिता सेनापति को दी।सूचना मिलते ही परिजनों ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों बेटियों की तलाश शुरू की।घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम शालिनी उत्तम,क्षेत्राधिकारी प्रिया सिंह,तहसीलदार राकेश चंद्रा भी मौके पर पहुंचे।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने गोताखोरों की मदद से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रागिनी के शव को ढूंढ निकाला।उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरा भेजा गया।जहां मौजूद चिकित्सक ने परीक्षण उपरांत मृत घोषित कर दिया।वहीं देर शाम तक गोताखोरों द्वारा प्रांशी की तलाश जारी रही लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।देर शाम एनडीआरएफ टीम ने भी प्रांशी की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया।टीम ने स्टीमर के जरिए नदी के पानी में वाइब्रेशन तकनीक का उपयोग करके प्रांशी को खोजने का प्रयास किया।
रात होने के कारण बचाव कार्य रोक दिया गया।सुबह होते ही एनडीआरएफ टीम ने पुनः प्रांशी की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रांशी अभी तक लापता है।एसडीएम शालिनी उत्तम,तहसीलदार राकेश चंद्रा और क्षेत्राधिकारी प्रिया सिंह मौके पर मौजूद हैं।थाना प्रभारी राहुल कुमार ने बताया कि प्रांशी की तलाश में एनडीआरएफ की टीम जुटी हुई है।शीघ्र ही उसे ढूंढ निकाला जाएगा।



