कानपुर देहात: NH-19 के जलभराव से 1000 बीघा फसल तबाह, किसानों ने DM को सौंपा ज्ञापन
प्रशासनिक जांच में मामला सही पाए जाने के बाद भी मुआवजे में हो रही देरी को लेकर किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

कानपुर देहात में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-19 पर नाले को क्षतिग्रस्त किए जाने से उपजे जलभराव ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। तहसील अकबरपुर क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर रोशनाई और लोदीपुर में जलभराव के कारण खरीफ सत्र 2025 में लगभग 1000 बीघा फसल पूरी तरह नष्ट हो गई, जबकि रबी सत्र में करीब 300 बीघा भूमि पर बुआई तक नहीं हो सकी।
प्रशासनिक जांच में किसानों की शिकायतें सही पाई गई हैं, इसके बावजूद अब तक फसलों से हुई वास्तविक आर्थिक क्षति का विधिवत आकलन नहीं कराया गया और न ही किसानों को कोई क्षतिपूर्ति दी गई। इससे पीड़ित किसान गंभीर आर्थिक संकट और आजीविका के संकट से जूझ रहे हैं।
इसी मुद्दे को लेकर सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में पीड़ित किसानों ने जिलाधिकारी कानपुर देहात कपिल सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने फसल क्षति का वास्तविक आर्थिक आकलन, न्यायसंगत व पूर्ण क्षतिपूर्ति, तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से भविष्य में अनधिकृत जलभराव न हो इसके लिए स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग उठाई।
इस मौके पर जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि “जब प्रशासनिक जांच में फसल क्षति सिद्ध हो चुकी है, तब आर्थिक नुकसान का आकलन न होना किसानों के जीवन और आजीविका से जुड़े संवैधानिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। कानून की भावना यही है कि पीड़ित को वास्तविक क्षतिपूर्ति मिले और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।”
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए किसानों को आवश्यक और शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से राघवेन्द्र सिंह सेंगर, अनिल कुमार, कृष्ण कुमार, नवनीत सिंह, कुलदीप प्रकाश, अमित गुप्ता और अवधेश कुमार पाण्डेय के साथ अधिवक्ता विशाल सिंह भी शामिल रहे। किसानों को अब प्रशासन से जल्द राहत और मुआवजे की उम्मीद है।



