टीईटी अनिवार्यता का विरोध व पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर अटेवा ने दिल्ली में किया जबरदस्त प्रदर्शन
पुरानी पेंशन बहाली और नो टेट बिफोर आरटीई की मांग को लेकर मंगलवार को जंतर-मंतर पर एनएमओपीएस/अटेवा संगठन के बैनर तले एक बड़ा धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।
राजेश कटियार,दिल्ली/कानपुर देहात। पुरानी पेंशन बहाली और नो टेट बिफोर आरटीई की मांग को लेकर मंगलवार को जंतर-मंतर पर एनएमओपीएस/अटेवा संगठन के बैनर तले एक बड़ा धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में कानपुर देहात जनपद से सैकड़ों शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए जो सोमवार को ही नई दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। संगठन ने आरोप लगाया कि आंदोलन से पहले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर के कई जिलों में अटेवा के पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट किया गया और एक दिन पहले विशेष एसआईआर बूथ लगाए गए।
पदाधिकारियों ने इसे सरकार की घबराहट बताया उनका कहना था कि यह कदम दर्शाता है कि सरकार उनकी मांगों को मिल रहे जनसमर्थन से भयभीत है और शांतिपूर्ण आंदोलन को बाधित करने का प्रयास कर रही है। रास्ते में ही बसें रुकवा दी गई जिससे लोगों देर में पहुंच पाए। शिक्षक-कर्मचारियों का आरोप है कि जहां जनप्रतिनिधियों के लिए कई-कई पेंशन की व्यवस्था है वहीं 30 से 40 वर्ष तक देश की सेवा करने वाले कर्मचारियों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली जैसे बाजारी मॉडल में धकेला गया है।
इस व्यवस्था ने कर्मचारियों के भविष्य को असुरक्षित कर दिया है जिससे सरकारी शिक्षा विभाग सहित सभी वर्गों में गहरा रोष है। अटेवा ने स्पष्ट किया है कि पुरानी पेंशन बहाली तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। संगठन ने कहा कि यह केवल पेंशन की लड़ाई नहीं बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य का प्रश्न है इसलिए आंदोलन हर स्तर पर जारी रखा जाएगा।
कानपुर देहात से इस रैली का नेतृत्व जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव ने किया। प्रदेश सोशल मीडिया कुलदीप सैनी, प्रदेश सह संयोजिका ज्योति शिखा, मंडल अध्यक्ष पंकज शंखवार जिला महामंत्री मृदुला, ज्योति सचान, अखिलेश पाल, योगेन्द्र, महेंद्र सिंह, आर वी कटियार, देवेन्द्र सिंह, बिहारी लाल समेत सैकड़ों शिक्षक कर्मचारियों ने कानपुर देहात से प्रतिभाग किया।



