टीईटी अनिवार्य करने के खिलाफ दिल्ली में 24 नवंबर को आंदोलन करेंगे शिक्षक
कानपुर देहात में हुई बैठक, जंतर-मंतर पर होने वाले आंदोलन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया

राजेश कटियार, कानपुर देहात। अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा से जुड़े देश भर के शिक्षक 24 नवंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह आंदोलन शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य करने के सरकार के आदेश के खिलाफ किया जाएगा। इसको लेकर गुरुवार को अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा के घटक दल जूनियर शिक्षक संघ, विशिष्ठ बीटीसी संघ, यूटा संघ, टीएससीटी संघ और एससीएसटी संघ के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक बीआरसी परिसर अकबरपुर के सभागार में की गई।
बैठक की अध्यक्षता जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के मण्डलीय मंत्री प्रमोद कुमार पांडेय ने की तथा संचालन अकबरपुर ब्लॉक अध्यक्ष राहत अली के द्वारा किया गया। बैठक में आगामी 24 नवम्बर को जन्तर मन्तर में प्रस्तावित टीईटी अनिवार्यता के विरोध में दिल्ली चलो कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई तथा सभी घटक दलों के प्रतिनिधियों ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए भारी से भारी संख्या में शिक्षकों से चलने का आह्वान किया गया और निर्णय लिया गया कि सभी घटक दल अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क कर दिल्ली चलने के लिए सभी को प्रेरित करेंगे एवं आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और अनुशासित रहेगा।बैठक में जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक सिंह राजावत को संघर्ष मोर्चा के संयोजक के रूप में नामित किया गया।
बैठक में जूनियर शिक्षक संघ से संरक्षक संजय सचान, विशिष्ट बीटीसी महामंत्री धीरेंद्र सिंह कुशवाहा, यूटा जिलाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह, एससीएसटी जिलाध्यक्ष जगदीश कुमार एवं घटक दलों से पदाधिकारी हंसराज सोनकर, शिव गोविंद, कामता सिंह, जयपाल सिंह, देवेन्द्र सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह, रामनरेश कठेरिया, प्रताप भानु सिंह, दिनेश शर्मा, संजीव कटियार, सन्दीप कुमार, सुशील कुमार, रवि सचान, ऋचा पटेल, राजेश कुमार, नानक चन्द्र आदि उपस्थित रहे।



