कानपुर देहात: एसपी ने की अपराध समीक्षा और ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ गोष्ठी का आयोजन
कानपुर देहात में पुलिस अधीक्षक ने कानून व्यवस्था मजबूत करने पर दिया जोर
- पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने डेरापुर सर्किल के अधिकारियों के साथ अपराध समीक्षा बैठक की।
- बैठक में लूट, चोरी, महिला अपराधों और साइबर अपराधों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
- लंबित विवेचनाओं को शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारित करने का निर्देश दिया गया।
- पुलिस अधीक्षक ने #ऑपरेशन_कन्विक्शन के तहत महत्वपूर्ण मामलों की अदालती पैरवी की समीक्षा की।
- गोष्ठी में दोषसिद्धि की दर बढ़ाने और कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।
कानपुर देहात: कानपुर देहात की पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने आज अपने कार्यालय में डेरापुर सर्किल के क्षेत्राधिकारी और समस्त थाना प्रभारियों के साथ एक विस्तृत अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का उद्देश्य क्षेत्र की समग्र कानून व्यवस्था का आकलन करना और उसमें सुधार लाना था।
बैठक के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने सर्किल की अपराध स्थिति का गहनता से अध्ययन किया। उन्होंने विशेष रूप से डकैती, लूट, चोरी, महिलाओं के विरुद्ध अपराध जैसे गंभीर मामलों और साइबर अपराधों जैसे उभरते खतरों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। इन अपराधों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए एक कारगर रणनीति पर चर्चा की गई।
पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि सभी लंबित पड़े पुलिस मामलों और विवेचनाओं को शीघ्रता और प्रभावी ढंग से निस्तारित किया जाए। उन्होंने विवेचनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और अभियुक्तों के विरुद्ध ठोस सबूत एकत्र करने पर विशेष बल दिया, ताकि अदालतों में दोषसिद्धि की दर में वृद्धि की जा सके। इस बैठक में क्षेत्राधिकारी डेरापुर राजीव सिरोही, प्रभारी निरीक्षक डेरापुर, प्रभारी निरीक्षक मंगलपुर, थानाध्यक्ष बरौर सहित सर्किल के सभी चौकी प्रभारियों और हल्का प्रभारियों की उपस्थिति रही।
इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक ने जनपद स्तरीय मॉनीटरिंग सेल प्रभारी और सभी कोर्ट पैरोकारों के साथ एक महत्वपूर्ण गोष्ठी भी आयोजित की। इस गोष्ठी में ऑपरेशन_कन्विक्शन के अंतर्गत चिन्हित किए गए महत्वपूर्ण अभियोगों की अदालती पैरवी की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। गोष्ठी में पैरोकारों के साथ चर्चा की गई और इस बात पर ज़ोर दिया गया कि चिह्नित मामलों की पैरवी पूरी मजबूती के साथ की जाए ताकि अधिक से अधिक मामलों में अपराधियों को सजा दिलाई जा सके। इन दोनों गोष्ठियों का मुख्य उद्देश्य जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जारी रखना है।



