बिना ड्राइवर के दौड़ेगी कानपुर मेट्रो, इमरजेंसी में ही ड्राइवर संभालेगा कमान
कानपुर में IIT से मोतीझील के 9 किमी. सेक्शन में मेट्रो का ट्रायल रन शुरू हो चुका है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका शुभारंभ किया। रेलवे डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गनाइजेशन (RDSO) की टीम ने ट्रायल के लिए सेंसर लगाने का काम शुरू कर दिया। मेट्रो ट्रेन पूरी तरह ऑटोमैटिक है।

- 10 रुपए मिनिमम और अधिकतम 30 रुपए होगा किराया
कानपुर,अमन यात्रा : कानपुर में IIT से मोतीझील के 9 किमी. सेक्शन में मेट्रो का ट्रायल रन शुरू हो चुका है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका शुभारंभ किया। रेलवे डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गनाइजेशन (RDSO) की टीम ने ट्रायल के लिए सेंसर लगाने का काम शुरू कर दिया। मेट्रो ट्रेन पूरी तरह ऑटोमैटिक है। संचालन में ड्राइवर की जरूरत नहीं है।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारर्पोरेशन (UPMRC) के एमडी कुमार केशव ने बताया कि लखनऊ की तर्ज पर कानपुर मेट्रो का किराया भी मिनिमम 10 रुपए होगा। अधिकतम 30 रुपए चुकाना होगा। ट्रायल पूरा होने पर एनओसी के बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) की टीम निरीक्षण करेगी। CRS को सभी डॉक्यूमेंट UPMRC द्वारा पहले ही उपलब्ध करा दिए गए हैं। CRS की मंजूरी के बाद ही मेट्रो लोगों के लिए शुरू हो पाएगी।

इमरजेंसी में ड्राइवर रन करेगा मेट्रो
एमडी कुमार केशव ने बताया कि ट्रेन के संचालन के दौरान ट्रेन में ड्राइवर रहेगा। लेकिन वह सिर्फ इंजन स्टार्ट करेगा। सुपरविजन करेगा। कोई इमरजेंसी होती है या फिर पैसेंजर गेट में फंस गया। इस सिचुएशन में ही ड्राइवर ट्रेन को रोक सकेगा। नॉर्मली मेट्रो का संचालन कंट्रोल रूम से ही होगा।
इस प्रकार होगा मेट्रो का संचालन
IIT से मोतीझील के बीच 9 किमी के ट्रैक पर सेंसर का जाल बिछाया गया है। कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन ऑपरेशन सिस्टम (CBTS) के जरिए ट्रेन का संचालन होगा। ये पूरी तरह सिग्नल पर आधारित टेक्नोलॉजी है। कानपुर में मौजूद एक ट्रेन ट्रायल के लिए RDSO यूज करेगा। दूसरी ट्रेन सिग्नल पर चलाने के लिए मेट्रो यूज करेगा।

SBI संभालेगी टिकट सर्विस
एमडी ने बताया कि कानपुर में टिकटिंग सर्विस के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से पीपीपी मॉडल पर अवार्ड किया गया है। पहले टोकन लेकर मेट्रो में सफर किया जा सकेगा। पब्लिक के लिए मेट्रो शुरू होने के 2 से 3 महीने में मेट्रो कार्ड और ऑनलाइन रिचार्ज जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। सभी सर्विस SBI उपलब्ध कराएगा।
तबीयत खराब हुई तो एडमिट कराएगा मेट्रो
कानपुर मेट्रो में सफर के दौरान अगर किसी की तबीयत खराब होती है। तो उन्हें पास के हॉस्पिटल में मेट्रो द्वारा एडमिट कराया जाएगा। इलाज का खर्च यात्री को ही उठाना पड़ेगा। इसके लिए रूट पर पड़ने वाले हॉस्पिटल से मेट्रो टाईअप भी करेगा। वहीं मेट्रो की गलती से किसी भी यात्री को नुकसान होता है तो मेट्रो को हर्जाना भी देगा।

ये है कानपुर मेट्रो की ख़ासियत
- एक बार में 974 यात्री सफर कर सकेंगे।
- ट्रेनों की रफ्तार 80-90 किमी प्रति घंटा तक होगी।
- फायर और क्रैश सेफ्टी के मानकों पर खरी है।
- हर मेट्रो ट्रेन में 24 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
- हर ट्रेन में 56 यूएसबी चार्जिंग प्वाइंट और 36 एलसीडी पैनल्स हैं।
- मेट्रो ट्रेन में ट्रेन आपरेटर से यात्री बात कर सकेंगे।
- वायु प्रदूषण को कम करने के लिए ट्रेनों में मॉडर्न प्रापल्सन सिस्टम होगा।
- ट्रेनों में कार्बन-डाई-आक्साइड सेंसर लगे हैं। ये भीड़ के हिसाब से कूलिंग करेंगे।
- मेट्रो ट्रेन के ट्रैक पर एक भी OHE लाइन नहीं बिछाई गई है।
इस प्रकार होगा मेट्रो का किराया
- एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक- 10 रुपए
- तीसरे स्टेशन तक- 15 रुपए
- छठवां स्टेशन तक- 20 रुपए
- नौवें स्टेशन तक- 30 रुपए
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